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झारखंड के 10 जिलों में बारिश, वज्रपात और तेज हवा का अलर्ट, 26 जून तक येलो अलर्ट जारी

रांची। झारखंड में मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ मौसम का मिजाज बदलने लगा है। मौसम विभाग ने राज्य के 10 जिलों में गर्जन, वज्रपात, बारिश और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार 26 जून तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में मौसम खराब रहने की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

इन जिलों में बारिश और वज्रपात की चेतावनी

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार रांची, खूंटी, रामगढ़, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, बोकारो, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिलों में गर्जन के साथ बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कई स्थानों पर आकाशीय बिजली गिर सकती है तथा 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है।

विभाग ने लोगों, विशेषकर किसानों, खुले स्थानों पर काम करने वालों और बाहरी गतिविधियों में शामिल लोगों से सतर्क रहने तथा मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।

26 जून तक रहेगा मौसम का असर

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले कुछ दिनों तक राज्य में बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर वर्षा होती रहेगी। कई जिलों में मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। बारिश की गतिविधियों में वृद्धि से तापमान में भी हल्की गिरावट आने की संभावना है।

सरायकेला सबसे गर्म, नामकुम सबसे ठंडा

पिछले 24 घंटों के दौरान सरायकेला राज्य का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं राजधानी रांची के नामकुम क्षेत्र में न्यूनतम तापमान 21.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो राज्य में सबसे कम रहा।

रांची में अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जमशेदपुर में अधिकतम तापमान 38.4 डिग्री और न्यूनतम 25.8 डिग्री सेल्सियस रहा। डाल्टनगंज में अधिकतम तापमान 38.6 डिग्री और न्यूनतम 28.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। बोकारो में अधिकतम तापमान 37.1 डिग्री तथा न्यूनतम 27.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं चाईबासा में अधिकतम तापमान 37.4 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहा।

गर्मी से मिलेगी राहत, किसानों को होगा लाभ

मौसम विभाग का मानना है कि आगामी दिनों में वर्षा की गतिविधियां बढ़ने से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिलेगी। साथ ही कृषि कार्यों के लिए भी यह मौसम अनुकूल साबित हो सकता है। हालांकि वज्रपात और तेज हवाओं के खतरे को देखते हुए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

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