रांची में सरकारी जमीनों की बड़ी रिकवरी, पार्क और वेंडर्स मार्केट से बदलेगी शहर की तस्वीर

रांची। राजधानी रांची में वर्षों से अतिक्रमण और अवैध कब्जे के कारण विकास कार्यों में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए रांची नगर निगम ने बड़ा अभियान चलाया है। निगम ने शहर के विभिन्न इलाकों में अपनी संपत्तियों की पहचान कर कई एकड़ सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया है। अब इन जमीनों पर जनहित से जुड़ी योजनाओं को मूर्त रूप देने की तैयारी शुरू हो गई है।

नगर निगम के अनुसार, करीब 61 स्थलों को चिन्हित किया गया है, जिनमें निगम की स्वामित्व वाली भूमि के साथ गिफ्ट डीड के माध्यम से प्राप्त जमीनें भी शामिल हैं। अतिक्रमण हटाने के बाद इन स्थलों पर बाउंड्री वॉल निर्माण का कार्य तेज गति से किया जा रहा है, ताकि भविष्य में दोबारा कब्जा न हो सके।

पार्क और हरित क्षेत्र होंगे विकसित

नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने बताया कि खाली कराई गई जमीनों का उपयोग नागरिक सुविधाओं के विस्तार और सुनियोजित शहरी विकास के लिए किया जाएगा। कई स्थलों पर आधुनिक पार्क विकसित किए जाएंगे, जहां बच्चों के लिए खेल क्षेत्र, झूले और ओपन प्ले एरिया होंगे। महिलाओं और बुजुर्गों के लिए वॉकिंग ट्रैक, बैठने की व्यवस्था और हरित क्षेत्र भी तैयार किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच नागरिकों को खुले और सुरक्षित सार्वजनिक स्थान उपलब्ध कराना समय की आवश्यकता है। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ लोगों को बेहतर जीवनशैली अपनाने का अवसर मिलेगा।

वेंडर्स मार्केट से ट्रैफिक जाम में मिलेगी राहत

फुटपाथ अतिक्रमण और ट्रैफिक जाम की समस्या को कम करने के लिए नगर निगम ने कई स्थानों पर वेंडर्स मार्केट विकसित करने की योजना बनाई है। इसके लिए मेन रोड, डोरंडा और दीपाटोली जैसे क्षेत्रों में जमीन चिन्हित की गई है।

मेन रोड में आधुनिक मार्केटिंग कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा, जबकि डोरंडा और दीपाटोली में व्यवस्थित वेंडर्स मार्केट विकसित किए जाएंगे। इससे फुटपाथ दुकानदारों को स्थायी स्थान मिलेगा और सड़कों पर अतिक्रमण कम होने से यातायात व्यवस्था सुगम होगी।

सुनियोजित विकास की दिशा में अहम पहल

नगर निगम का मानना है कि सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा लंबे समय से शहर के विकास में बड़ी बाधा बना हुआ था। अब भूमि की पहचान, रिकवरी और संरक्षण की प्रक्रिया से विकास की नई संभावनाएं खुली हैं।

निगम के अनुसार, अतिक्रमण मुक्त कराई गई जमीनों पर पार्क, सामुदायिक सुविधाएं, बाजार और अन्य जनोपयोगी परियोजनाएं विकसित की जाएंगी। इससे रांची को अधिक व्यवस्थित, स्वच्छ और रहने योग्य शहर बनाने में मदद मिलेगी।

रांची नगर निगम की यह पहल राजधानी में भूमि संरक्षण और नियोजित विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। आने वाले समय में इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से शहर के कई इलाकों की तस्वीर बदल सकती है।

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