जमशेदपुर (पूर्वी सिंहभूम)। करणी सेना के नेता हिमांशु सिंह की हत्या और शहर में लगातार बढ़ रही आपराधिक वारदातों के विरोध में शुक्रवार को एनडीए (NDA) के आह्वान पर ‘जमशेदपुर बंद’ का व्यापक असर देखने को मिला। जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय अपने समर्थकों के साथ स्वयं सड़कों पर उतरे और बंद का नेतृत्व किया। वहीं, भाजपा व एनडीए के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने झंडा-डंडा लेकर साकची, बिष्टुपुर, मानगो, जुगसलाई, गोलमुरी और कदमा समेत तमाम प्रमुख बाजारों को पूरी तरह बंद करा दिया। कई स्थानों पर बंद समर्थकों द्वारा वाहनों को रोककर उनके टायरों की हवा निकालने और ऑटो चालकों को वापस लौटाने की भी खबरें आईं।
एसएसपी और एसपी का हटना प्रशासन की विफलता: सरयू राय
सुबह से ही विभिन्न इलाकों का दौरा कर रहे विधायक सरयू राय ने कहा कि हिमांशु सिंह की हत्या शहर की बदहाल कानून-व्यवस्था का गंभीर संकेत है। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा तत्कालीन जमशेदपुर एसएसपी और सरायकेला-खरसावां एसपी को हटाए जाने पर तंज कसते हुए कहा कि यह बदलाव सरकार की अपनी प्रशासनिक चूक की स्वीकारोक्ति है। उन्होंने नए पुलिस अधिकारियों से बिना किसी दबाव के अपराधियों के खिलाफ सख्त एक्शन लेने और शहर में कानून का राज स्थापित करने की मांग की।
भाजपा नेता विकास सिंह हिरासत में, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
बंद के दौरान राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और अपराधियों को फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए कड़ी सजा देने की मांग उठी। इस बीच, बंद में शामिल होने जा रहे भाजपा के पूर्व नेता विकास सिंह को पुलिस ने उनके आवास से निकलते ही हिरासत में ले लिया, जिस पर उन्होंने नाराजगी जताई। जिला प्रशासन बंद को लेकर पूरी तरह मुस्तैद रहा। शहर के सभी संवेदनशील चौराहों और बाजारों में अतिरिक्त पुलिस बल व दंडाधिकारियों की तैनाती की गई थी। हालांकि, इस दौरान अस्पताल, एम्बुलेंस और अन्य आवश्यक आपातकालीन सेवाओं को बंद से पूरी तरह मुक्त रखा गया।
