जयपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार (4 जुलाई) को राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा से देश की पहली ग्रीनफील्ड एकीकृत रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। दुनिया की सबसे उन्नत रिफाइनरियों में शुमार यह परियोजना देश के पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में एक युगांतकारी मील का पत्थर साबित होगी। पचपदरा पहुंचने से पहले प्रधानमंत्री जोधपुर में नए सिविल एयरपोर्ट टर्मिनल का लोकार्पण भी करेंगे। इस दौरे के दौरान पीएम जयपुर मेट्रो फेज-2 सहित प्रदेशभर की कई विकास योजनाओं का वर्चुअल शिलान्यास और लोकार्पण करेंगे, साथ ही नवनियुक्त युवाओं को नियुक्ति पत्र भी सौंपेंगे।
₹79,459 करोड़ का भारी निवेश और अनूठी इंजीनियरिंग
हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) और राजस्थान सरकार के इस संयुक्त उद्यम को ₹79,459 करोड़ के भारी-भरकम निवेश से तैयार किया गया है। 9 MMTPA क्षमता वाले इस कॉम्प्लेक्स में कच्चे तेल से विभिन्न पेट्रोलियम उत्पादों का उत्पादन भी शुरू हो चुका है। इस रिफाइनरी का निर्माण आधुनिक इंजीनियरिंग की एक बेमिसाल मिसाल है:
- मिट्टी की खुदाई: 1.5 करोड़ घन मीटर मिट्टी हटाई गई, जो मिस्र के गीजा पिरामिड से 6 गुना अधिक है।
- कंक्रीट का इस्तेमाल: 16 लाख घन मीटर कंक्रीट का उपयोग हुआ, जो बुर्ज खलीफा से 5 गुना ज्यादा है।
- स्टील की खपत: करीब 3 लाख मीट्रिक टन स्टील लगा है, जो एफिल टॉवर से 40 गुना अधिक है।
- केबल नेटवर्क: इसमें इस्तेमाल की गई 28 हजार किलोमीटर लंबी केबल पृथ्वी के व्यास से भी दोगुनी है।
औद्योगिक आत्मनिर्भरता और बंपर रोजगार
यह परियोजना भारत की ईंधन क्षमता को सुदृढ़ करने के साथ-साथ पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाएगी। इससे डाउनस्ट्रीम उद्योगों, प्लास्टिक पार्क, एमएसएमई, टेक्सटाइल और ऑटो पार्ट्स जैसे अनुषंगी क्षेत्रों के विकास को जबरदस्त रफ्तार मिलेगी। रोजगार के मोर्चे पर भी इस रिफाइनरी ने नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं; इसके निर्माण चरण में लगभग 35 हजार श्रमिकों को प्रत्यक्ष और सहायक क्षेत्रों में करीब 1 लाख लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर मिले हैं।
