जमशेदपुर। टेल्को स्थित प्रेम नगर डनलोप में आयोजित श्री नर्मदेश्वर पुनः प्रतिष्ठा महोत्सव के दूसरे दिन शनिवार को वैदिक परंपरा और धार्मिक आस्था का भव्य संगम देखने को मिला। प्रातःकाल पूजन-अर्चन के साथ अन्नाधिवास एवं शय्याधिवास जैसे महत्वपूर्ण वैदिक अनुष्ठान विधि-विधान और मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुए। पूरे परिसर में “हर-हर महादेव” के जयघोष और वैदिक ऋचाओं से भक्तिमय वातावरण बना रहा।
स्वर्णरेखा-खरकाई संगम के पवित्र जल से हुआ जलाधिवास
महोत्सव के तहत स्वर्णरेखा और खरकाई नदी के पावन संगम से लाए गए पवित्र जल से भगवान श्री नर्मदेश्वर का रात्रि भर जलाधिवास कराया गया। इसके उपरांत आचार्य राजकुमार मिश्रा के नेतृत्व में 11 ब्राह्मणों की टोली ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत जलाधिवास अनुष्ठान संपन्न कराया। इस अवसर पर पंडित आस्तिक मिश्रा, पंडित चंद्रकांत पांडेय, पंडित शेषनाथ पांडेय, पंडित सुनील पांडेय, पंडित निर्दोष मिश्रा, पंडित अनुपम मिश्रा तथा आक्राश जी सहित अन्य विद्वान उपस्थित रहे।
ब्राह्मणों के सामूहिक वैदिक मंत्रोच्चार से पूरा पूजा स्थल आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत हो गया। श्रद्धालुओं ने भक्ति और श्रद्धा के वातावरण में भगवान श्री नर्मदेश्वर के दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
अन्नाधिवास और शय्याधिवास का बताया आध्यात्मिक महत्व
आचार्य राजकुमार मिश्रा ने बताया कि वैदिक परंपरा में अन्नाधिवास का विशेष महत्व है। इस अनुष्ठान में देव विग्रह को अन्न के मध्य स्थापित किया जाता है। अन्न को जीवन, समृद्धि, पोषण और लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि इससे देव विग्रह में लोककल्याण, समृद्धि और मंगल की दिव्य ऊर्जा का संचार होता है।
उन्होंने बताया कि शय्याधिवास प्रतिष्ठा महोत्सव का महत्वपूर्ण संस्कार है, जिसमें देव विग्रह को विशेष रूप से तैयार पवित्र शय्या पर विश्राम कराया जाता है। इसका उद्देश्य प्राण प्रतिष्ठा से पूर्व भगवान को सम्मानपूर्वक विश्राम एवं सेवा अर्पित कर दिव्य चेतना का जागरण करना है।
आयोजन को सफल बनाने में धनंजय पांडेय, संजय कुमार (लाल), टोनी सिंह, दिलीप जायसवाल, विजय कुमार सिंह, अजय सिंह, समरेश सिंह, गिडू संजय तथा जितेंद्र पांडेय सहित आयोजन समिति के सदस्यों ने सक्रिय योगदान दिया। पूरे दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान श्री नर्मदेश्वर के दर्शन और पूजन के लिए पहुंचते रहे।
