काठमांडू। नेपाल की बालेन्द्र सरकार के 100 दिन पूरे होने पर विदेश मंत्रालय ने अपनी उपलब्धियों का ब्यौरा जारी किया है। मंत्रालय ने सेवा वितरण, कांसुलर सहायता और आर्थिक कूटनीति के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति का दावा करते हुए कहा कि इस अवधि में विदेशों में फंसे 1,047 नेपाली नागरिकों की सुरक्षित स्वदेश वापसी सुनिश्चित की गई।
कांसुलर सेवाओं का हुआ विस्तार
विदेश मंत्रालय के अनुसार, विदेश में रह रहे नेपाली नागरिकों की सहायता के लिए ‘मोफा मित्र’ मोबाइल एप शुरू किया गया। इसके साथ ही ऑनलाइन कांसुलर और कानूनी परामर्श सेवाओं का विस्तार नेपाल के सभी 77 जिलों और 537 स्थानीय निकायों तक किया गया, जिससे नागरिकों को सेवाएं आसानी से उपलब्ध हो सकें।
मंत्रालय ने बताया कि पुर्तगाल में लगभग 2,000 नेपाली नागरिकों की अस्थायी निवास अनुमति से जुड़ी फर्जी कांसुलर प्रमाणीकरण मुहर की समस्या का भी कूटनीतिक प्रयासों के जरिए समाधान किया गया।
विदेशों में फंसे नागरिकों को मिली राहत
सरकार के अनुसार, दक्षिण-पूर्व एशिया में ऑनलाइन ठगी गिरोहों के चंगुल में फंसे 819 नेपाली नागरिकों को दूतावासों और संबंधित सरकारी एजेंसियों के समन्वय से सुरक्षित वापस लाया गया। वहीं, संयुक्त अरब अमीरात सरकार की आम माफी के तहत 20 अप्रैल को 128 नेपाली नागरिकों की रिहाई सुनिश्चित कराई गई, जबकि 16 जून को सऊदी अरब ने भी 33 नेपाली कैदियों को आम माफी दी।
विदेश मंत्रालय ने यह भी दावा किया कि भारत के विदेश मंत्रालय और संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय के माध्यम से व्यापारिक अड़चनों को दूर कर नेपाली चाय का भारत को निर्यात दोबारा शुरू कराया गया।
पश्चिम एशिया संकट के दौरान बनाई आपात टीम
मंत्रालय ने बताया कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को देखते हुए 24 घंटे सक्रिय आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम गठित की गई। इस टीम के माध्यम से संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों से 1,047 नेपाली नागरिकों को सुरक्षित स्वदेश लाया गया।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, ये सभी पहल सरकार की 100-दिवसीय कार्ययोजना के तहत लागू की गईं, जिनका उद्देश्य सुशासन को मजबूत करना, सार्वजनिक सेवाओं में सुधार करना और नेपाल की कूटनीतिक सक्रियता को और प्रभावी बनाना है।
