नई दिल्ली। आयकर विभाग इन दिनों करदाताओं के मोबाइल पर आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने से जुड़े रिमाइंडर संदेश भेज रहा है। विभाग लोगों से समय रहते रिटर्न दाखिल करने की अपील कर रहा है, ताकि अंतिम समय की भागदौड़ और तकनीकी दिक्कतों से बचा जा सके।
31 जुलाई है अंतिम तिथि
वित्तीय वर्ष 2025-26 (आकलन वर्ष 2026-27) के लिए ऐसे वेतनभोगी और सामान्य करदाताओं, जिनके खातों का ऑडिट आवश्यक नहीं है, उनके लिए आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 है।
क्या लिखा है संदेश में?
करदाताओं को भेजे जा रहे संदेश में कहा गया है कि जल्द आईटीआर दाखिल करें और तनावमुक्त रहें। साथ ही यह भी लिखा है कि यदि रिटर्न पहले ही दाखिल किया जा चुका है, तो इस संदेश को अनदेखा करें। आयकर विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक रिमाइंडर है, कोई कानूनी नोटिस नहीं।
समय पर आईटीआर भरने के फायदे
समय से पहले आईटीआर दाखिल करने पर करदाता अपने वेतन, टीडीएस, बैंक ब्याज और अन्य आय का सही मिलान कर सकते हैं। किसी प्रकार की त्रुटि होने पर उसे समय रहते सुधारा जा सकता है। इसके अलावा सही और समय पर रिटर्न दाखिल करने वालों को कर वापसी भी अपेक्षाकृत जल्दी मिल सकती है।
क्यों भेज रहा है विभाग रिमाइंडर?
आयकर विभाग का उद्देश्य अंतिम दिनों में ई-फाइलिंग पोर्टल पर बढ़ने वाले दबाव को कम करना है। इससे तकनीकी समस्याओं की संभावना घटती है और करदाताओं को बिना जल्दबाजी के रिटर्न दाखिल करने का अवसर मिलता है।
1.7 करोड़ से अधिक आईटीआर दाखिल
आयकर विभाग के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अब तक 1.7 करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न दाखिल किए जा चुके हैं। इनमें से केवल एक दिन में ही 10 लाख से ज्यादा रिटर्न दाखिल किए गए।
