नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े निजी बैंक एचडीएफसी बैंक ने ग्राहक सेवा को बेहतर बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। बैंक अब बैकएंड संचालन में कार्यरत कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से ग्राहक सेवा से जुड़े पदों पर तैनात करेगा। इससे ये कर्मचारी सीधे ग्राहकों की समस्याओं का समाधान करेंगे।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता से बदलेगी कार्यप्रणाली
बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी शशिधर जगदीशन ने वार्षिक रिपोर्ट में बताया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता और नई तकनीकों के कारण बैकएंड के कई कार्य पहले से अधिक तेज और आसान हो गए हैं। इसी वजह से कर्मचारियों की क्षमता का उपयोग अब ग्राहक सेवा को मजबूत करने में किया जाएगा।
ग्राहक सेवा और साइबर सुरक्षा पर विशेष जोर
बैंक ने दो प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया है। पहला, ऑनलाइन धोखाधड़ी पर प्रभावी रोक लगाना और दूसरा, ग्राहकों की शिकायतों का त्वरित समाधान करना। इसके लिए ग्राहक सेवा से जुड़े कर्मचारियों को आधुनिक डिजिटल उपकरण और आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।
‘नीव’ कृत्रिम बुद्धिमत्ता मॉडल करेगा निगरानी
एचडीएफसी बैंक ने अपना कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित मंच ‘नीव’ विकसित किया है। यह प्रणाली चौबीसों घंटे बैंकिंग गतिविधियों पर नजर रखती है। किसी भी संदिग्ध लेनदेन की पहचान होते ही यह तुरंत बैंक की सुरक्षा टीम को सतर्क कर देती है, जिससे धोखाधड़ी को समय रहते रोका जा सके।
साइबर सुरक्षा होगी और मजबूत
बैंक का कहना है कि डिजिटल बैंकिंग के विस्तार के साथ साइबर हमलों का खतरा भी बढ़ा है। ऐसे में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सुरक्षा प्रणाली के जरिए संदिग्ध गतिविधियों की तेजी से पहचान कर समय पर कार्रवाई की जा रही है।
छोटे शहरों में शाखाओं की भूमिका बरकरार
एचडीएफसी बैंक ने स्पष्ट किया कि तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर निवेश बढ़ाने के बावजूद छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में बैंक शाखाओं का महत्व बना रहेगा। ग्राहकों का भरोसा कायम रखने और बेहतर सेवाएं देने के लिए भौतिक शाखाएं आगे भी अहम भूमिका निभाती रहेंगी।
