नई दिल्ली। होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव और व्यापारिक जहाजों पर हमलों की घटनाओं के बीच भारत सरकार ने भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार रियल टाइम निगरानी प्रणाली विकसित कर रही है, जिसके माध्यम से संघर्ष प्रभावित क्षेत्र से गुजरने वाले जहाजों और उन पर सवार भारतीय क्रू सदस्यों की लगातार निगरानी की जाएगी।
हर जहाज की होगी निगरानी
केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने समुद्री महानिदेशालय (डीजी शिपिंग) को एक परिचालन डैशबोर्ड तैयार करने का निर्देश दिया है। इस डैशबोर्ड के जरिए उन सभी जहाजों की निगरानी की जाएगी, जिन पर भारतीय नाविक सवार हैं, चाहे जहाज किसी भी देश के ध्वज के तहत संचालित हो।
डैशबोर्ड में मिलेगी यह जानकारी
रियल टाइम प्रणाली में प्रत्येक जहाज से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध रहेंगी, जिनमें शामिल हैं—
- जहाज की वर्तमान स्थिति
- स्वामित्व संबंधी जानकारी
- कार्गो का विवरण
- भारतीय क्रू सदस्यों की संख्या
- सुरक्षा और जोखिम का आकलन
- प्रस्तावित यात्रा मार्ग
- अगला पड़ाव
- भोजन, ईंधन और दवाइयों की उपलब्धता
- संचार व्यवस्था की स्थिति
हर भारतीय नाविक का रखा जाएगा रिकॉर्ड
सरकार ने संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में मौजूद प्रत्येक भारतीय नाविक का विवरण तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए प्रत्येक प्रभावित मामले में एक संपर्क अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, जो नाविकों और उनके परिवारों के बीच समन्वय करेगा।
संपर्क अधिकारी चिकित्सा संबंधी जानकारी, यात्रा दस्तावेज, स्वदेश वापसी, परिवार की सहायता, नाविक कल्याण कोष, बकाया वेतन, अनुबंध के लाभ और मुआवजे से जुड़े मामलों में सहायता उपलब्ध कराएंगे।
इन समुद्री क्षेत्रों पर रहेगी विशेष नजर
सरकार विशेष रूप से तीन संवेदनशील समुद्री क्षेत्रों की निगरानी करेगी—
- फारस की खाड़ी
- होर्मुज जलडमरूमध्य
- ओमान की खाड़ी
उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में लिया गया फैसला
सर्बानंद सोनोवाल ने ओमान और ईरान स्थित भारतीय मिशनों के प्रतिनिधियों के साथ उच्चस्तरीय अंतर-मंत्रालयी समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति, भारतीय नाविकों के समक्ष मौजूद जोखिम और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र की समीक्षा की गई।
होर्मुज क्षेत्र में कितने भारतीय जहाज
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, होर्मुज के पश्चिमी क्षेत्र में भारतीय ध्वज वाले सात जहाज संचालित हो रहे हैं, जिन पर 148 भारतीय नाविक सवार हैं। इसके अलावा, विदेशी ध्वज वाले पांच मालवाहक जहाज उर्वरक लेकर भारत की ओर आ रहे हैं।
सरकार ने निर्देश दिया है कि संघर्ष प्रभावित क्षेत्र से किसी भी जहाज की आवाजाही नए सुरक्षा आकलन, जहाज के कप्तान की पेशेवर सलाह और समुद्री अधिकारियों के समन्वय के बाद ही सुनिश्चित की जाए।
