काठमांडू। नेपाल में लगातार दो दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण काली गण्डकी और सेती नदी का जलस्तर बढ़ गया है। इससे पर्वत, स्याङ्जा और गुल्मी जिलों के संगम पर स्थित दुनिया की सबसे बड़ी शालिग्राम शिला पूरी तरह जलमग्न हो गई है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं के प्रवेश और दर्शन पर फिलहाल रोक लगा दी है।
बाढ़ में डूबा शालिग्राम क्षेत्र
शालिग्राम विद्याश्रम के संरक्षक कुलराज तिवारी ने बताया कि नदी का जलस्तर बढ़ने से शिला तक जाने वाला मार्ग, परिक्रमा स्थल और निकट स्थित सत्तल भी पानी में डूब गए हैं। लगातार बारिश के कारण पुजारी और सेवा में लगे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है, जबकि श्रद्धालु दर्शन नहीं कर पा रहे हैं।
स्थानीय निवासी तिलक पराजुली के अनुसार, तेज बहाव से परिक्रमा स्थल को भी नुकसान पहुंचा है। हालांकि, फिलहाल आसपास की बस्तियों को तत्काल कोई खतरा नहीं बताया गया है।
सेतीबेनी बाजार पर भी मंडराया खतरा
बाढ़ के कारण शालिग्राम क्षेत्र में बने तटबंध और गेबियन जाल भी जलमग्न हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि काली गण्डकी ‘ए’ जलविद्युत परियोजना के बांध की वजह से बाढ़ के समय सेतीबेनी बाजार पर खतरा बढ़ जाता है। इस बार भी करीब 200 व्यापारी और स्थानीय निवासी संभावित बाढ़ को लेकर चिंतित हैं।
दो वर्ष पहले सावन में आई बाढ़ के दौरान पानी बाजार तक पहुंच गया था। उस समय एक मकान ढह गया था और कई परिवारों को विस्थापित होना पड़ा था।
नदी का बहाव बदलने की मांग
गल्याङ नगरपालिका-5 के वडाध्यक्ष घनश्याम भट्टराई ने शालिग्राम शिला की सुरक्षा के लिए काली गण्डकी नदी का बहाव गुल्मी की ओर मोड़ने की मांग दोहराई। वहीं, विहादी गांवपालिका के अध्यक्ष परबीन गुरुङ ने तीनों स्थानीय निकायों से समन्वय बनाकर सेतीबेनी क्षेत्र के संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की।
इस बीच पर्वत जिला पुलिस ने लगातार बारिश के चलते नदियों और नालों में बाढ़ तथा भूस्खलन के खतरे की चेतावनी जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
