बलिया। उत्तर प्रदेश के बलिया में भाजपा के वरिष्ठ नेता, नगर पालिका परिषद के पूर्व चेयरमैन और भाजयुमो के प्रथम प्रदेश संगठन मंत्री हरेराम चौधरी का लंबी बीमारी के बाद सोमवार देर रात निधन हो गया। वह 83 वर्ष के थे। उनके निधन से जिले में शोक की लहर दौड़ गई।
हरेराम चौधरी पिछले कई महीनों से अस्वस्थ थे और चिकित्सकों की सलाह पर घर पर उनका उपचार चल रहा था। उनके बड़े पुत्र एवं भाजपा नेता राजीव मोहन चौधरी ने बताया कि उन्होंने सोमवार रात करीब 11:30 बजे अंतिम सांस ली।
भाजपा की मजबूत नींव रखने में निभाई अहम भूमिका
हरेराम चौधरी ने वकालत के साथ सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भूमिका निभाई। छात्र जीवन में ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा से जुड़े और लखनऊ विश्वविद्यालय में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पहले प्रत्याशी के रूप में छात्रसंघ चुनाव लड़ा। आपातकाल के दौरान उन्होंने करीब 19 महीने जेल में भी बिताए।
भाजपा के गठन के बाद उन्हें भाजयुमो का पहला प्रदेश संगठन मंत्री बनाया गया। इस दौरान उन्होंने पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष कलराज मिश्र के साथ काम किया और अटल बिहारी वाजपेयी तथा कल्याण सिंह जैसे वरिष्ठ नेताओं के साथ भी निकटता से जुड़े रहे।
दो बार विधानसभा चुनाव लड़ा, बने नगर पालिका अध्यक्ष
हरेराम चौधरी ने वर्ष 1980 और 1989 में बलिया सदर विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा, हालांकि दोनों बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद बलिया में भाजपा के संगठन को मजबूत करने में उनका महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है।
वर्ष 1995 में भाजपा ने उन पर भरोसा जताते हुए बलिया नगर पालिका परिषद अध्यक्ष पद का उम्मीदवार बनाया, जहां उन्होंने जीत दर्ज की। इसके बाद भी वह पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए लगातार सक्रिय रहे।
राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक
हरेराम चौधरी के निधन पर भाजपा सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और सामाजिक संगठनों ने गहरा शोक व्यक्त किया। उन्हें सादगी, ईमानदारी और संगठन के प्रति समर्पण के लिए याद किया जा रहा है।
