अभिनेता शेखर सुमन ने अपने टॉक शो ‘शेखर टुनाइट’ को लेकर उठ रहे सवालों पर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि उनका मकसद किसी एक नेता या दल को निशाना बनाना नहीं, बल्कि हल्के-फुल्के व्यंग्य के जरिए समसामयिक मुद्दों पर बात करना है।
‘मैं सिर्फ हल्के अंदाज में छेड़ता हूं’
एक साक्षात्कार में शेखर सुमन ने कहा कि वह किसी का ‘रोस्ट’ नहीं करते। उनके अनुसार, वह केवल हल्के-फुल्के अंदाज में नेताओं की आलोचना या चुटकी लेते हैं और इसे व्यंग्य का सौम्य रूप मानते हैं।
‘भाषा हमेशा मर्यादित रखता हूं’
शेखर सुमन ने कहा कि वह सोशल मीडिया और टीवी बहसों में होने वाली अभद्र भाषा और गाली-गलौज से दूर रहते हैं। उनका प्रयास रहता है कि उनकी बातें संसदीय मर्यादा में हों और किसी की व्यक्तिगत गरिमा को ठेस न पहुंचे।
‘मेरा कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं’
उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं है। उनका मानना है कि व्यक्तिगत हमले या तीखी रोस्टिंग सही तरीका नहीं है और उनका शो किसी राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा नहीं है।
‘राहुल, ममता और केजरीवाल पर भी करता हूं टिप्पणी’
शेखर सुमन ने उन आरोपों को भी खारिज किया कि वह केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर ही टिप्पणी करते हैं। उन्होंने कहा कि उनके शो में राहुल गांधी, ममता बनर्जी, अरविंद केजरीवाल समेत कई नेताओं पर भी व्यंग्य किया जाता है। उन्होंने अपने शो की टैगलाइन दोहराते हुए कहा, “अगर आप खबरों में हैं, तो आप शेखर के नजरिए में भी हैं।”
ईडी छापेमारी के बीच आया बयान
शेखर सुमन का यह बयान ऐसे समय आया है, जब हाल ही में उनके सहयोगी और निर्माता धर्मेश संगानी के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय ने कार्रवाई की है। हालांकि, इस मामले पर शेखर सुमन ने कोई टिप्पणी नहीं की।
