हॉलीवुड निर्देशक क्रिस्टोफर नोलन की नई फिल्म ‘द ओडिसी’ ग्रीक महाकाव्य पर आधारित एक भव्य सिनेमाई अनुभव है। शानदार अभिनय, दमदार दृश्य और भावनात्मक कहानी के दम पर यह फिल्म दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ती है।
ट्रॉय युद्ध के बाद घर वापसी की कहानी
फिल्म ट्रॉय युद्ध के बाद इथाका के राजा ओडिसियस (मैट डेमन) की घर वापसी की कठिन यात्रा पर आधारित है। जीत के बाद शुरू हुआ यह सफर 10 वर्षों तक चलता है। इस दौरान उसका सामना विशाल दैत्य, जादूगरनी, रहस्यमयी द्वीपों और कई खतरनाक चुनौतियों से होता है। वहीं इथाका में उसकी पत्नी पेनेलोप (ऐनी हैथवे) और बेटा टेलीमैकस (टॉम हॉलैंड) भी अपने संघर्ष से जूझते हैं।
नोलन का शानदार निर्देशन
क्रिस्टोफर नोलन ने होमर के प्रसिद्ध महाकाव्य को आधुनिक और भावनात्मक अंदाज में बड़े पर्दे पर उतारा है। फिल्म में युद्ध, अपराधबोध, साहस और परिवार की भावनाओं को प्रभावशाली ढंग से दिखाया गया है। देवताओं और पौराणिक पात्रों को भी नए सिनेमाई नजरिए से पेश किया गया है।
तकनीकी पक्ष बेहद मजबूत
फिल्म पूरी तरह 70 एमएम आईमैक्स प्रारूप में शूट की गई है, जिससे हर दृश्य बेहद भव्य नजर आता है। होयटे वैन होयटेमा की सिनेमैटोग्राफी और लुडविग गोरान्सन का पृष्ठभूमि संगीत फिल्म को और प्रभावशाली बनाते हैं। हालांकि टेलीमैकस का ट्रैक अपेक्षाकृत कमजोर महसूस होता है और करीब तीन घंटे की अवधि कुछ दर्शकों को लंबी लग सकती है।
अभिनय ने बढ़ाई फिल्म की ताकत
मैट डेमन ने ओडिसियस के किरदार में शानदार अभिनय किया है। ऐनी हैथवे ने पेनेलोप की भूमिका को गरिमा के साथ निभाया है। रॉबर्ट पैटिनसन, चार्लीज थेरॉन और जेंडाया ने भी अपने सीमित लेकिन प्रभावी किरदारों से प्रभावित किया है।
देखें या नहीं?
अगर आप क्रिस्टोफर नोलन की फिल्मों के प्रशंसक हैं या भव्य दृश्य, पौराणिक कथाओं और गंभीर कहानी वाली फिल्में पसंद करते हैं, तो ‘द ओडिसी’ बड़े पर्दे, खासकर आईमैक्स स्क्रीन पर जरूर देखें।
