रांची। रांची विश्वविद्यालय में पीएचडी रेगुलेशन-2022 के यूजीसी प्रारूप और मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) को विशेषज्ञों की सहमति मिल गई है। शनिवार को कुलपति सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में प्रस्तावित व्यवस्था पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक की अध्यक्षता सीपीआरएचई-एनआईईपीए, नई दिल्ली के निदेशक प्रो. पी.के. मिश्रा ने की। इस दौरान विश्वविद्यालय की ओर से तैयार एसओपी और नए परिनियम पर विचार-विमर्श के बाद विशेषज्ञों ने सर्वसम्मति से अपनी सहमति दी।
शोध की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर जोर
सामाजिक विज्ञान संकाय के अध्यक्ष एवं अनुसंधान निदेशक डॉ. मो. परवेज हसन ने कहा कि कुलपति प्रो. सरोज शर्मा के नेतृत्व में विश्वविद्यालय में शोध और अनुसंधान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था से पीएचडी की पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और गुणवत्तापूर्ण बनेगी।
विशेषज्ञों ने कहा कि प्रस्तावित एसओपी और नया परिनियम शोध की गुणवत्ता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उनका मानना है कि यह मॉडल भविष्य में अन्य विश्वविद्यालयों के लिए भी उपयोगी साबित हो सकता है।
बैठक में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय के प्रो. गुलशन धामीजा, केंद्रीय विश्वविद्यालय राजस्थान के प्रो. बी.सी. महापात्रा, हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय की प्रो. सीमा धवन सहित कई शिक्षाविद शामिल हुए।
कार्यक्रम में छात्र कल्याण अध्यक्ष प्रो. सुदेश कुमार साहू, कुलसचिव डॉ. राज कुमार शर्मा, डॉ. नीरज कुमार और डॉ. राज कुमार सिंह भी उपस्थित रहे।


