दंतेवाड़ा। जिले में जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति की प्यून अपने पति और एक अन्य आराेपित के साथ मिलकर 21 लाख 58 हजार 330 रुपये का गबन किया है। मिली जानकारी के मुताबिक लेखापाल प्यून को बैंक में पैसे जमा करवाने देती थी। इसके बाद प्यून अपने पति को बैंक भेजती थी, पति फर्जी सील लगाकर पैसे अपने पास रखकर रिसिप्ट पत्नी को लौटाता था। इस मामले के खुलासे के बाद पुलिस ने तीनों आरोपित गौरी मंडावी, पति तुलसी एवं भूखन आर्या को गिरफ्तार कर पूछताछ में तीनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। गबन के लाखाें रुपये इन्होंने बाइक और कार खरीद ली थी। पुलिस ने तीनों आराेपितों के विरूद्ध कायर्वाही उपरांत आज मंगलवार काे न्यायालय के समक्ष पेश किया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार प्रार्थी नरेश मिंज ने पुलिस को बताया कि, दंतेवाड़ा लाइवलीहुड कॉलेज में अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति मार्या. के तहत विभिन्न योजनांतर्गत हितग्राहियों को लोन दिया गया है। हितग्राहियों से प्रति माह ईएमआई वसूली कर कार्यालय के लेखापाल सुरेखा आयगर बैंक पर्ची भरकर बैंक में जमा करने के लिए कार्यालय में पदस्थ प्यून गौरी मंडावी को दिया करती थी। पत्नी ने पति और उसके दोस्त के साथ मिलकर किया फ्रॉड गौरी अपने पति को बैंक पर्ची देती थी। उसका पति तुलसी अपने एक अन्य दोस्त भूखन आर्या के साथ मिलकर पर्ची में फर्जी सील लगाता और अपनी पत्नी को लौटा देता था, जिसके बाद उसकी पत्नी उस पर्ची को लेखापाल को देकर कहती थी कि पैसे जमा हो गए हैं। पिछले कुछ महीने से लगातार चलता रहा, जिसके बाद एक दिन लेखापाल को प्यून गौरी मंडावी पर शक हुआ। लेखापाल ने जब स्टेट बैंक में इसका पता लगवाया तो न पैसे जमा हुए और न ही पर्ची में लगा सील बैंक का पाया गया। इसके बाद इस मामले की शिकायत फौरन पुलिस से की गई। इस मामले के खुलासे के बाद पुलिस ने तीनों आरोपित काे गिरफ्तार कर लिया गया है।
महिला प्यून अपने पति व एक अन्य सहयोगी के साथ मिलकर 21 लाख 58 हजार रुपये का किया गबन, गिरफ्तार
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