खूंटी। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में पहल करते हुए उपायुक्त मो जावेद हुसैन ने गुरुवार को पांच प्रशिक्षित पारा वेट-सह-पशुधन मित्रों को प्रमाण-पत्र, बैग और प्राथमिक उपचार किट प्रदान किया।
समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में आयोजित कार्यक्रम में उपायुक्त ने सभी प्रशिक्षुओं को शुभकामनाएं देते हुए पूरी जिम्मेदारी और निष्ठा के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
ग्रामीण पशुपालकों को मिलेगा स्थानीय स्तर पर लाभ
उपायुक्त ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पशुधन किसानों की आजीविका का महत्वपूर्ण आधार है। प्रशिक्षित पारा वेट-सह-पशुधन मित्र पशुओं के स्वास्थ्य संरक्षण, प्राथमिक उपचार और टीकाकरण में अहम भूमिका निभाएंगे।
उन्होंने निर्देश दिया कि पंचायत स्तर पर पशुपालकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि उन्हें पशु चिकित्सा सुविधाओं के लिए दूर नहीं जाना पड़े।
दो माह का प्रशिक्षण लेकर करेंगे सेवा
कार्यक्रम में अड़की के संतोष महतो, दीनानाथ पुरान और जगन्नाथ दास, तोरपा के महेंद्र चीक बड़ाइक तथा मुरहू के दोमनिक कंडिर को प्रमाण-पत्र, बैग और प्राथमिक उपचार किट दिया गया।
बताया गया कि सभी प्रशिक्षुओं ने रांची स्थित जेएसआईए में दो माह का विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया है। प्रशिक्षण के बाद ये अपने-अपने क्षेत्रों की पंचायतों में पशुओं के प्राथमिक उपचार, टीकाकरण और अन्य स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएंगे।
मौके पर जिला पशुपालन-सह-गव्य विकास पदाधिकारी अभिमन्यु प्रसाद भी मौजूद थे।


