रांची। रांची रेलवे स्टेशन पर रेलवे अधिकारी और टीटीई बनकर यात्रियों से ठगी करने वाले गिरोह का रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने भंडाफोड़ किया है। ऑपरेशन “रक्षक” के तहत की गई कार्रवाई में गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के पास से ठगी की नकद राशि, सात मोबाइल फोन और अन्य सामान बरामद किया गया है। बरामद मोबाइल में दो संदिग्ध चोरी के बताए जा रहे हैं।
कन्फर्म टिकट दिलाने के नाम पर ठगी
आरपीएफ के अनुसार, 25 जुलाई को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ लोग रांची रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को कन्फर्म टिकट दिलाने का झांसा देकर उनसे पैसे वसूल रहे हैं। सूचना के आधार पर स्टेशन परिसर में विशेष जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान यूटीएस बुकिंग कार्यालय के पास महेश साहनी और चंदन कुमार को हिरासत में लिया गया।
इसी दौरान पीड़ित उमर साद खान ने आरपीएफ को बताया कि दोनों आरोपियों ने खुद को रेलवे अधिकारी और टीटीई बताकर कन्फर्म टिकट दिलाने का भरोसा दिया और इसके बदले दो हजार रुपये ले लिए। टिकट नहीं मिलने पर आरोपी वहां से भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन आरपीएफ ने उन्हें पकड़ लिया।
दो और साथी गिरफ्तार
पूछताछ में महेश साहनी और चंदन कुमार ने अपने अन्य साथियों की जानकारी दी। इसके आधार पर रेलवे स्टेशन परिसर से सीतल राय और संतोष साहनी को भी गिरफ्तार कर लिया गया। चारों आरोपियों के कब्जे से कुल सात मोबाइल फोन बरामद हुए, जिनमें दो मोबाइल संदिग्ध चोरी के पाए गए हैं।
धोखाधड़ी और प्रतिरूपण का मामला दर्ज
आरपीएफ की पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे रेलवे अधिकारी और टीटीई बनकर यात्रियों को कन्फर्म टिकट दिलाने का झूठा भरोसा देकर ठगी करते थे। प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी, प्रतिरूपण, आपराधिक षड्यंत्र और संदिग्ध चोरी की संपत्ति रखने के आरोप पाए जाने के बाद चारों आरोपियों को जब्त सामान और आवश्यक दस्तावेजों के साथ जीआरपी रांची को सौंप दिया गया।
जीआरपी ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और ठगी के अन्य मामलों की भी जांच कर रही है।


