रांची। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने बुधवार को झारखंड मंत्रालय में ऊर्जा विभाग के कार्यों और योजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा की। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य के हर नागरिक को निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण और सुलभ बिजली उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र राज्य के आर्थिक, औद्योगिक और सामाजिक विकास की मजबूत नींव है, इसलिए बिजली उत्पादन, संचरण और वितरण व्यवस्था को आधुनिक एवं मजबूत बनाया जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राज्य में 24 घंटे गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने, बिजली कटौती की समस्याओं का स्थायी समाधान करने और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने, संचरण तंत्र के विस्तार और आधुनिक तकनीक के उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जाए।
रांची में बनेंगे तीन नए स्मार्ट ग्रिड, बिजली व्यवस्था होगी आधुनिक
बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि रांची में तीन नए स्मार्ट ग्रिड स्थापित किए जाएंगे। ये स्मार्ट ग्रिड कुसई कॉलोनी, बरियातू और इटकी में बनाए जाएंगे। इसके अलावा कई नए विद्युत उपकेंद्रों के निर्माण की भी योजना है।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि स्मार्ट ग्रिड परियोजनाओं को तय समय सीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक आधारित बिजली वितरण व्यवस्था से आपूर्ति की गुणवत्ता बेहतर होगी, ऊर्जा हानि कम होगी और तकनीकी समस्याओं का तेजी से समाधान किया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि ट्रांसफार्मर खराब होने की स्थिति में 24 घंटे के भीतर नया ट्रांसफार्मर लगाया जाए, ताकि आम लोगों को बिजली संकट का सामना न करना पड़े।
200 यूनिट मुफ्त बिजली योजना का लाभ सभी पात्र उपभोक्ताओं तक पहुंचाने का निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य के सभी पात्र उपभोक्ताओं को 200 यूनिट निःशुल्क बिजली योजना का लाभ पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए लाभुकों की पहचान, योजना के क्रियान्वयन और शिकायतों के समाधान की व्यवस्था को और सरल बनाया जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को योजना की नियमित निगरानी करने और लोगों के बीच जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए, ताकि कोई भी पात्र उपभोक्ता योजना के लाभ से वंचित न रहे।
हुंडरू और जोन्हा जलप्रपातों से बिजली उत्पादन की संभावनाओं का होगा अध्ययन
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य में बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर जोर देते हुए जल संसाधनों के बेहतर उपयोग का निर्देश दिया। उन्होंने हुंडरू, जोन्हा सहित राज्य के विभिन्न जलप्रपातों और जलाशयों की क्षमता का वैज्ञानिक अध्ययन कर जलविद्युत उत्पादन की कार्ययोजना तैयार करने को कहा।
उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और बेहतर इंजीनियरिंग के माध्यम से कम जल उपलब्धता में भी अधिकतम बिजली उत्पादन की दिशा में काम किया जाए, ताकि झारखंड ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सके।
सिकिदिरी जलविद्युत परियोजना के आधुनिकीकरण पर जोर
मुख्यमंत्री ने सिकिदिरी जलविद्युत परियोजना की वर्तमान स्थिति और भविष्य की संभावनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को पुराने और नए उपकरणों की क्षमता का मूल्यांकन कर आधुनिकीकरण की योजना तैयार करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि नई तकनीकों के उपयोग से कम संसाधनों में अधिक बिजली उत्पादन किया जा सकता है। सिकिदिरी परियोजना की क्षमता बढ़ाने के लिए दीर्घकालिक योजना तैयार की जाए।
सौर ऊर्जा को बढ़ावा, बंजर भूमि पर सोलर फार्मिंग की तैयारी
मुख्यमंत्री ने राज्य में सौर ऊर्जा परियोजनाओं को गति देने का निर्देश दिया। उन्होंने जलाशयों में फ्लोटिंग सोलर परियोजनाओं और सरकारी व निजी भवनों की छतों पर रूफटॉप सोलर प्रणाली को बढ़ावा देने को कहा।
उन्होंने अधिकारियों को बंजर भूमि पर सोलर फार्मिंग को प्रोत्साहित करने की योजना बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे किसानों को अतिरिक्त आय का साधन मिलेगा और राज्य में स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
एआई आधारित निगरानी और स्मार्ट मीटरिंग अभियान तेज होगा
मुख्यमंत्री ने ऊर्जा क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित निगरानी व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तकनीक के उपयोग से बिजली आपूर्ति, शिकायत समाधान और परियोजनाओं की निगरानी को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
उन्होंने स्मार्ट मीटर लगाने के अभियान में तेजी लाने को कहा, ताकि बिजली खपत की सटीक निगरानी हो सके और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं मिल सकें।
ऊर्जा विभाग में रिक्त पदों पर जल्द होगी नियुक्ति
मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग और उससे जुड़े संस्थानों में खाली पदों को भरने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पहले चरण में 35 प्रतिशत रिक्त पदों पर जल्द नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की जाए।
उन्होंने कहा कि पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध होने से बिजली आपूर्ति, रखरखाव और उपभोक्ता सेवाओं को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सकेगा।
अस्पतालों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी सरकारी और प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों में चौबीस घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में बिजली व्यवस्था सीधे मरीजों के जीवन और उपचार से जुड़ी होती है।
उन्होंने अस्पतालों में दोहरी बिजली लाइन की व्यवस्था करने और आपातकालीन सेवाओं के लिए बिजली व्यवस्था को मजबूत बनाने के निर्देश दिए।
ट्रांसमिशन नेटवर्क को मजबूत करने और बाधाएं दूर करने का निर्देश
मुख्यमंत्री ने राज्य के बिजली संचरण नेटवर्क को आधुनिक बनाने पर जोर दिया। उन्होंने पारंपरिक संरचनाओं की जगह कम जगह लेने वाली आधुनिक तकनीकों को अपनाने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान उन्होंने बोकारो, धनबाद और हजारीबाग के उपायुक्तों तथा वन विभाग के अधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत कर ग्रिड और ट्रांसमिशन परियोजनाओं में आ रही भूमि संबंधी समस्याओं की समीक्षा की।
उन्होंने निर्देश दिया कि वन स्वीकृति, भूमि हस्तांतरण और अन्य प्रशासनिक बाधाओं का समाधान अगले 10 दिनों के भीतर किया जाए।
बैठक में मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव श्री के. श्रीनिवासन, ऊर्जा संचरण निगम के एमडी श्री के.के. वर्मा, तेनुघाट विद्युत निगम लिमिटेड के एमडी श्री अनिल वर्मा सहित ऊर्जा विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।


