पूर्वी सिंहभूम। एमजीएम अस्पताल परिसर में भाजपा कार्यकर्ता के साथ कथित मारपीट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। घटना की जानकारी मिलने के बाद जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू शनिवार रात पीड़ित भाजपा कार्यकर्ता मनीष शर्मा के घर पहुंचीं और परिजनों से पूरे मामले की जानकारी ली।
विधायक ने पुलिस अधिकारियों से बातचीत कर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी होमगार्ड जवानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
होमगार्ड जवानों पर मारपीट का आरोप
परिजनों के अनुसार, भुइयांडीह लकड़ी टाल निवासी और भाजपा बूथ स्तरीय कार्यकर्ता मनीष शर्मा अपनी बहन के इलाज की जानकारी लेने एमजीएम अस्पताल पहुंचे थे। आरोप है कि अस्पताल परिसर में तैनात 8 से 10 होमगार्ड जवानों ने उनसे पूछताछ के दौरान विवाद शुरू कर दिया।
मनीष शर्मा का आरोप है कि इसके बाद होमगार्ड जवानों ने लाठी-डंडों से उनकी पिटाई की। उन्होंने बताया कि बचने के लिए भागने की कोशिश करने पर भी जवानों ने उन्हें पकड़कर मारपीट जारी रखी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई जवानों ने पहचान पत्र या नेम प्लेट नहीं लगा रखी थी।
पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी
घटना की सूचना मिलने पर भाजपा नेता और विधायक प्रतिनिधि गुंजन यादव भी अस्पताल पहुंचे और पीड़ित से मुलाकात की। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना का वीडियो बनाने की कोशिश करने पर मोबाइल छीन लिया गया और वीडियो भी हटा दिया गया।
मामले की जानकारी पटमदा के पुलिस उपाधीक्षक दयानंद कुमार और एमजीएम थाना पुलिस को दी गई। पुलिस ने घटनास्थल से टूटी हुई लाठी जब्त की, घायल का चिकित्सकीय परीक्षण कराया और पीड़ित की शिकायत के आधार पर संबंधित होमगार्ड जवानों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दोषियों पर कार्रवाई की मांग
रांची से संगठनात्मक बैठक से लौटने के बाद विधायक पूर्णिमा साहू सीधे मनीष शर्मा के घर पहुंचीं। उन्होंने पटमदा डीएसपी से फोन पर बातचीत कर मामले में शामिल सभी होमगार्ड जवानों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और निलंबन की मांग की।
विधायक ने एमजीएम अस्पताल अधीक्षक से भी बातचीत कर अस्पताल में भर्ती काजल प्रधान के बेहतर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर सुरक्षा कर्मियों द्वारा आम नागरिक के साथ इस तरह की घटना गंभीर विषय है। मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।


