Homeराष्ट्रीयअमित शाह ने पुडुचेरी पुलिस को सौंपा ‘राष्ट्रपति पुलिस कलर’

अमित शाह ने पुडुचेरी पुलिस को सौंपा ‘राष्ट्रपति पुलिस कलर’

पुडुचेरी। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार को पुडुचेरी पुलिस को प्रतिष्ठित ‘राष्ट्रपति पुलिस कलर’ प्रदान किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पुडुचेरी के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि 2014 से 2026 तक केंद्र सरकार ने पुडुचेरी के विकास के लिए 13,762 करोड़ रुपये दिए हैं, जबकि 1950 से 2014 के बीच करीब 3,500 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे।

अमित शाह ने गोरिमेडु स्थित पुलिस प्रशिक्षण मैदान में आयोजित समारोह में पुडुचेरी पुलिस को यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया। समारोह में उपराज्यपाल के. कैलाशनाथन, मुख्यमंत्री एन. रंगासामी समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

पुडुचेरी पुलिस की बहादुरी और सेवा का सम्मान

किसी पुलिस बल को राष्ट्रपति पुलिस कलर मिलना उसकी पेशेवर क्षमता, साहस, अनुशासन और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता की राष्ट्रीय मान्यता माना जाता है। यह पुलिस संगठनों को मिलने वाले प्रमुख संस्थागत सम्मानों में शामिल है।

अमित शाह ने कहा कि पुडुचेरी पुलिस अब देश के उन चुनिंदा पुलिस बलों में शामिल हो गई है, जिन्हें इस सर्वोच्च सम्मान से नवाजा गया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति पुलिस कलर से सम्मानित होना पुडुचेरी पुलिस की बहादुरी, मेहनत और समर्पण का प्रमाण है। यह उसके गौरवपूर्ण क्षणों में से एक है। उन्होंने पुडुचेरी को दक्षिण भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक चेतना का जीवंत प्रतीक भी बताया।

39 हजार करोड़ रुपये के निवेश का दावा

केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में केंद्र सरकार ने पुडुचेरी में 39 हजार करोड़ रुपये के औद्योगिक निवेश को बढ़ावा दिया है। उन्होंने कहा कि लखपति दीदी, जल जीवन मिशन, आयुष्मान भारत, शौचालय निर्माण, मुफ्त अनाज योजना, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण जैसी केंद्र की योजनाओं का लाभ पुडुचेरी के नागरिकों को मिला है।

नए आपराधिक कानूनों पर भी बोले शाह

अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने अंग्रेजों के समय बनाए गए दंड कानूनों को तीन नए आपराधिक कानूनों से बदला है। उन्होंने कहा कि इन कानूनों का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल और तय समयसीमा के भीतर नागरिकों को न्याय उपलब्ध कराना है।

उन्होंने कहा कि नए आपराधिक कानून तीन प्रमुख स्तंभों—प्रौद्योगिकी, समयसीमा और विश्वास—पर आधारित हैं।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments