रांची। जेपीएससी-जेएसएससी सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में चल रहा छात्रों का सत्याग्रह सोमवार को 17वें दिन और भूख हड़ताल नौवें दिन में पहुंच गया। इसी बीच छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो जयपाल सिंह स्टेडियम से एम्बुलेंस के माध्यम से सीधे विधानसभा घेराव मार्च में शामिल होने पहुंचे।
एम्बुलेंस से उतरते ही मौजूद छात्र अभ्यर्थियों और समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया। समर्थकों ने उन्हें कंधे पर उठाकर मार्च में आगे बढ़ाया, जिससे आंदोलन स्थल पर उत्साह का माहौल बन गया।
मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा
देवेंद्रनाथ महतो ने कहा कि जब तक सरकार छात्रों की सभी मांगों को स्वीकार नहीं करती, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं होगा। उन्होंने दावा किया कि विधानसभा घेराव में झारखंड के विभिन्न जिलों के साथ-साथ राज्य के बाहर से भी बड़ी संख्या में लोग शामिल होने पहुंचे हैं। उनके अनुसार यह आंदोलन छात्रों के संघर्ष के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज होगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र पिछले 17 दिनों से शांतिपूर्ण तरीके से जयपाल सिंह स्टेडियम में सत्याग्रह कर रहे हैं और सरकार से लगातार बातचीत व समाधान की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई है।
सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप
महतो ने कहा कि छात्र अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जबकि सरकार उनकी आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान छात्रों ने किसी भी प्रकार के अश्लील या आपत्तिजनक नारे नहीं लगाए, इसके बावजूद सरकार का रवैया ऐसा है जैसे छात्र उसके विरोधी हों।
विधानसभा के आसपास की गई बैरिकेडिंग और नुकीले कंटीले तार लगाने पर भी उन्होंने सवाल उठाए। उनका कहना था कि विधानसभा क्षेत्र और उससे जुड़ी सड़कों पर जिस तरह की सुरक्षा व्यवस्था की गई है, उससे ऐसा प्रतीत होता है मानो पूरे इलाके को सीमा क्षेत्र में बदल दिया गया हो।
देवेंद्रनाथ महतो ने कहा कि बैरिकेडिंग, कंटीले तार या किसी भी प्रकार की रोक-टोक छात्रों को उनके लक्ष्य तक पहुंचने से नहीं रोक सकती। उन्होंने दोहराया कि छात्रों की मांगें पूरी होने तक सत्याग्रह और आंदोलन जारी रहेगा।


