नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन और उससे उभरे युवा नेतृत्व को लेकर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि छात्रों की चिंताएं जायज हैं और उनसे बातचीत की जानी चाहिए। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी और कुछ अन्य राजनीतिक दल छात्रों के मुद्दों का इस्तेमाल अपने राजनीतिक फायदे के लिए करने की कोशिश कर रहे हैं।
रिजिजू ने एक साक्षात्कार में कहा कि महाराष्ट्र के अभिजीत दीपके आम आदमी पार्टी से जुड़े हुए हैं। ऐसे में उनके छात्र आंदोलन का हिस्सा बनने को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ संवाद किया जा सकता है, क्योंकि उनमें जोश और ऊर्जा होती है। लेकिन राजनीतिक दल अगर छात्रों के पीछे छिपकर अपना राजनीतिक हित साधने की कोशिश करें तो यह उचित नहीं है।
यह पूछे जाने पर कि क्या भाजपा नई युवा पीढ़ी यानी जेन जी से जुड़ने में पीछे रह गई है, रिजिजू ने इससे इनकार किया। उन्होंने कहा कि युवाओं से जुड़ाव में कोई कमी नहीं है। उनके अनुसार, युवा हमारे अपने बच्चे हैं और भारतीय तथा एशियाई समाज में परिवार के बीच मजबूत संबंध होते हैं।
रिजिजू ने कहा कि नई पीढ़ी की बातों और मांगों को केवल खारिज करने के बजाय उन्हें सुनना और अपनी बात भी समझाना जरूरी है। उन्होंने युवाओं और सरकार के बीच लगातार संवाद की जरूरत पर जोर दिया। उनके मुताबिक, यदि युवाओं को लगातार केवल मांगें करने के लिए उकसाया जाएगा तो दूरी कम करने में समय लगेगा। इसलिए समाधान का रास्ता बातचीत और आपसी समझ से ही निकलेगा।



