नई दिल्ली। महंगाई से परेशान आम उपभोक्ताओं के लिए चीनी और प्याज की कीमतों में गिरावट राहत लेकर आई है। सरकार की सख्ती, स्टॉक सीमा और बाजार में आपूर्ति बढ़ने के बाद चीनी के थोक भाव में पिछले एक सप्ताह के दौरान करीब 15 रुपये प्रति किलो तक की कमी आई है। एक्स-मिल भाव, जो सप्ताह भर पहले करीब 68 रुपये प्रति किलो पहुंच गया था, अब घटकर करीब 53 से 55 रुपये प्रति किलो रह गया है। हालांकि थोक बाजार में आई इस राहत का पूरा असर अभी खुदरा बाजार में दिखाई नहीं दे रहा है।
महाराष्ट्र से कोलकाता तक घटे भाव
महाराष्ट्र में चीनी का भाव करीब 51-52 रुपये प्रति किलो और कोलकाता में थोक भाव करीब 53 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। स्थानीय मंडियों के आंकड़ों के अनुसार 21 से 26 अगस्त के बीच कई प्रमुख शहरों में चीनी के थोक भाव में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई।
- दिल्ली: 6,600 से घटकर 6,000 रुपये प्रति क्विंटल
- कानपुर: 6,650 से घटकर 6,050 रुपये
- रायपुर: 6,600 से घटकर 5,800 रुपये
- मुंबई: 6,700 से घटकर 5,800 रुपये
- रांची: 6,700 से घटकर 6,100 रुपये
- कोलकाता: 6,750 से घटकर 6,000 रुपये
शुल्क-मुक्त आयात की तैयारी
चीनी की कीमतों पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की तैयारी की है। इनमें करीब 80 हजार टन की चार खेप निर्यातक देशों के बंदरगाहों से रवाना भी हो चुकी हैं। सरकार का प्रयास बाजार में पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखते हुए कीमतों पर दबाव कम करना है।
स्टॉक सीमा से जमाखोरी पर शिकंजा
चीनी की जमाखोरी रोकने के लिए डीलरों के लिए 30 नवंबर तक अधिकतम 400 टन स्टॉक रखने की सीमा तय की गई है। वहीं, 1 सितंबर से बड़े थोक उपभोक्ता अपनी 15 दिन की खपत से अधिक चीनी का भंडारण नहीं कर सकेंगे। सरकार की इन पाबंदियों के बीच बाजार में आपूर्ति बढ़ने से कीमतों में नरमी का असर दिखाई देने लगा है।
प्याज की कीमतों में भी करीब 8 रुपये प्रति किलो तक की गिरावट बताई जा रही है, जिससे रसोई के बजट पर बढ़ रहा दबाव कुछ कम होने की उम्मीद है।



