27 अगस्त 2026, गुरुवार को श्रावण शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि है। यह दिन धार्मिक दृष्टि से विशेष माना गया है। मान्यता के अनुसार श्रावण शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर रुद्र का शासन रहता है, जो भगवान शिव का प्राचीन और उग्र स्वरूप है। ऐसे में आज भगवान शिव की पूजा-अर्चना और आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए दिन अनुकूल रहेगा। हालांकि किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले राहुकाल और अन्य अशुभ समय का ध्यान रखना जरूरी होगा।
27 अगस्त का पंचांग
- विक्रम संवत: 2082
- मास: श्रावण
- पक्ष: शुक्ल पक्ष
- तिथि: पूर्णिमा
- दिन: गुरुवार
- योग: शोभन
- नक्षत्र: धनिष्ठा
- करण: वणिज
- चंद्र राशि: मकर
- सूर्य राशि: सिंह
- सूर्योदय: सुबह 5:55 बजे
- सूर्यास्त: शाम 6:49 बजे
- चंद्रोदय: शाम 6:27 बजे
- चंद्रास्त: सुबह 5:48 बजे, 28 अगस्त
- राहुकाल: दोपहर 1:59 से 3:36 बजे तक
- यमगंड: सुबह 5:55 से 7:32 बजे तक
धनिष्ठा नक्षत्र में रहेगा चंद्रमा
आज चंद्रमा मकर राशि में धनिष्ठा नक्षत्र में रहेगा। धनिष्ठा नक्षत्र का विस्तार मकर राशि के 23:20 अंश से कुंभ राशि के 6:40 अंश तक माना जाता है। इसके देवता अष्टवसु हैं और इसका स्वामी मंगल है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार धनिष्ठा नक्षत्र यात्रा, मित्रों से मुलाकात और आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए अनुकूल माना जाता है।
राहुकाल में शुभ कार्य से बचें
गुरुवार को दोपहर 1:59 से 3:36 बजे तक राहुकाल रहेगा। इस अवधि में नए शुभ कार्य की शुरुआत करने से बचना बेहतर माना जाता है। इसके अलावा यमगंड, गुलिक, दुमुहूर्त और वर्ज्यम जैसे अशुभ समय का भी ध्यान रखना चाहिए। आज के दिन धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में मन लगाकर दिन की ऊर्जा का सकारात्मक उपयोग किया जा सकता है।



