गर्मी की तेज धूप और लू के कारण अक्सर गुलाब के पौधे मुरझा जाते हैं। पत्तियां पीली पड़ने लगती हैं और नई कलियां आना बंद हो जाती हैं। लेकिन बारिश का मौसम शुरू होने से पहले यदि पौधे की सही देखभाल की जाए तो वह दोबारा हरा-भरा होकर भरपूर फूल दे सकता है। बागवानी विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय पौधे को सही खाद और पोषण देना सबसे अधिक लाभदायक होता है।
बारिश से पहले करें मिट्टी की तैयारी
विशेषज्ञों का कहना है कि सावन की बारिश शुरू होने से पहले गुलाब के गमले की ऊपरी मिट्टी को अच्छी तरह ढीला करना चाहिए। मुख्य जड़ से थोड़ी दूरी बनाकर चारों ओर हल्की गुड़ाई करने से मिट्टी हवादार हो जाती है और जड़ों तक ऑक्सीजन पहुंचती है। इससे बाद में डाली गई खाद का असर भी बेहतर होता है।
फंगस से बचाव और पौधे को मिलेगा पोषण
मानसून में अधिक नमी के कारण गुलाब में फंगस लगने का खतरा बढ़ जाता है। इससे बचने के लिए मिट्टी में थोड़ी मात्रा में फफूंदनाशक पाउडर मिलाया जा सकता है। इसके बाद एक चम्मच लकड़ी की राख डालने से पौधे को पोटाश और फास्फोरस जैसे आवश्यक पोषक तत्व मिलते हैं, जिससे नई शाखाएं और बड़े फूल आने में मदद मिलती है।
‘नीली गोली’ यानी सीवीड खाद का करें इस्तेमाल
बागवानी विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार में मिलने वाली छोटी-छोटी नीली गोलियां वास्तव में सीवीड (समुद्री शैवाल) से बनी जैविक खाद होती हैं। इसमें अनेक सूक्ष्म पोषक तत्व और प्राकृतिक वृद्धि हार्मोन होते हैं, जो गर्मी से कमजोर हो चुके पौधों को नई ऊर्जा देते हैं।
गमले की मिट्टी में लगभग एक चम्मच सीवीड खाद डालकर उसे अच्छी तरह मिट्टी में मिला दें। इसके बाद पौधे में पर्याप्त पानी दें ताकि खाद धीरे-धीरे घुलकर जड़ों तक पहुंच सके।
इस तरह मिलेगा बेहतर परिणाम
विशेषज्ञों का मानना है कि गुड़ाई, फफूंदनाशक, लकड़ी की राख और सीवीड खाद का सही तरीके से उपयोग करने पर बारिश के मौसम में गुलाब का पौधा तेजी से बढ़ता है। कुछ ही सप्ताह में नई शाखाएं निकलने लगती हैं और पौधे पर अधिक संख्या में कलियां व बड़े फूल आने की संभावना बढ़ जाती है।
