होर्मुज तनाव के बीच अमेरिका का ईरान पर बड़ा हमला, 80 से अधिक ठिकानों को बनाया निशाना

वाशिंगटन/तेहरान। होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों पर कथित ईरानी हमलों के बाद अमेरिका ने ईरान के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान को अंजाम दिया है। अमेरिकी मध्य कमान (सेंटकॉम) के अनुसार, सात जुलाई (स्थानीय समय) को अमेरिकी सुरक्षा बलों ने सटीक हथियारों से ईरान के 80 से अधिक सैन्य ठिकानों पर हमला किया। इस बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान इराक का दौरा बीच में छोड़कर तेहरान लौट गए हैं।

वायु रक्षा, मिसाइल ठिकाने और नौसैनिक क्षमता पर हमला

सेंटकॉम के मुताबिक, हमलों में ईरान की वायु रक्षा प्रणाली, कमांड एवं नियंत्रण नेटवर्क, तटीय रडार केंद्र, जहाज-रोधी मिसाइल ठिकानों और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की 60 से अधिक छोटी नौकाओं को निशाना बनाया गया। अमेरिका ने कहा कि यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में की गई है।

हमलों के बाद अमेरिका ने ईरान पर नए आर्थिक प्रतिबंध भी लगा दिए हैं। जून में अंतरिम शांति समझौते के तहत दी गई ईरानी तेल बिक्री की छूट तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है और ईरानी तेल निर्यात पर फिर से प्रतिबंध लागू कर दिए गए हैं।

अंतिम संस्कार के बीच बढ़ा तनाव

अमेरिकी कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब ईरान अपने दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुटा है। खामेनेई का पार्थिव शरीर इराक के नजफ में रखा गया है और गुरुवार को उन्हें मशहद में सुपुर्द-ए-खाक किया जाना है।

अमेरिकी हमलों की सूचना मिलते ही ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान नजफ से तेहरान लौट गए। ईरान के सरकारी प्रसारक और स्थानीय समाचार एजेंसियों के अनुसार, वह अंतिम संस्कार की रस्मों में शामिल होने के लिए इराक गए थे।

ईरान ने अमेरिका पर समझौता तोड़ने का लगाया आरोप

ईरान ने अमेरिकी कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि तेल बिक्री की छूट समाप्त करना और नए प्रतिबंध लगाना पहले हुए समझौते का उल्लंघन है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका की कार्रवाई का उचित जवाब दिया जाएगा।

वहीं, अल जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार दक्षिणी ईरान के सिरिक, केशम और बंदर अब्बास के आसपास भी कई विस्फोटों की सूचना मिली है। ईरानी मीडिया का दावा है कि कुछ प्रक्षेपास्त्र वाणिज्यिक और मछली पकड़ने वाले घाटों के पास गिरे हैं।

अमेरिका ने दोहराया है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर हमले स्वीकार नहीं किए जाएंगे और संघर्ष विराम के उल्लंघन की स्थिति में ईरान को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।

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