सहकारिता मंत्रालय के 5 वर्ष पूरे, अमित शाह बोले- सहकारिता आंदोलन को मिली नई पहचान

नई दिल्ली। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्थापित स्वतंत्र सहकारिता मंत्रालय ने पिछले पांच वर्षों में उपेक्षित रहे सहकारिता आंदोलन को नई पहचान दी है। उन्होंने कहा कि मंत्रालय का उद्देश्य राज्यों के अधिकारों में हस्तक्षेप करना नहीं, बल्कि सहकारी संस्थाओं को आधुनिक, पारदर्शी, तकनीक-सक्षम और प्रतिस्पर्धी बनाना है।

सहकारिता को मिला नया आधार

सहकारिता मंत्रालय के पांचवें स्थापना दिवस पर आयोजित समारोह में अमित शाह ने कहा कि पांच वर्ष पहले स्वतंत्र सहकारिता मंत्रालय के गठन से 30 करोड़ से अधिक सहकारिता से जुड़े लोगों और 8.5 लाख से अधिक सहकारी संस्थाओं की दशकों पुरानी मांग पूरी हुई। इससे सहकारिता आंदोलन को नई दिशा और मजबूती मिली।

उन्होंने कहा कि मंत्रालय बनने के समय राज्यों के अधिकारों में हस्तक्षेप की आशंका जताई गई थी, लेकिन पिछले पांच वर्षों में किसी भी राज्य ने ऐसी शिकायत नहीं की। मंत्रालय ने नीतिगत सहयोग देकर सहकारी संस्थाओं को मजबूत बनाने का कार्य किया है।

डिजिटल और प्रोफेशनल सहकारिता पर जोर

अमित शाह ने बताया कि सरकार ने सहकारी संस्थाओं को तकनीक-सक्षम बनाने, पारदर्शिता बढ़ाने और प्रोफेशनल प्रबंधन विकसित करने के लिए कई पहल की हैं। सहकारी संस्थाओं के लिए रैंकिंग फ्रेमवर्क शुरू किया गया है, जबकि त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय के माध्यम से बैंकिंग, डेयरी, कृषि, विपणन और उर्वरक जैसे क्षेत्रों के लिए प्रशिक्षित पेशेवर तैयार किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि 50 हजार प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) को ई-पैक्स में परिवर्तित किया गया है, जो सहकारिता क्षेत्र के डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम है।

कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास

कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने 135 अन्न भंडारण गोदामों का हस्तांतरण, 85 गोदामों का लोकार्पण और 47 गोदामों का शिलान्यास किया। इसके अलावा ‘सहकार वन’, बीबीएसएसएल की टिश्यू कल्चर सुविधाओं, एनसीडी 3.0, जियो-टैग मोबाइल एप, दूध आपूर्ति डैशबोर्ड, सहकार सीबीएस प्रणाली और एआई आधारित ‘सहकार सहयोगी’ मंच सहित कई नई परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया।

साथ ही बीबीएसएसएल और आईसीएआर के बीच बीज प्रणाली को मजबूत करने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए तथा डेयरी सहकारी समितियों के लिए आदर्श उप-विधियों और मंत्रालय की पांच वर्षों की उपलब्धियों पर आधारित पुस्तक का विमोचन भी किया गया।

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को किया याद

अपने संबोधन में अमित शाह ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने राष्ट्रवाद और भारतीयता की भावना को मजबूत करने के लिए अपना जीवन समर्पित किया। उन्होंने कहा कि एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान के विरोध में डॉ. मुखर्जी ने बलिदान दिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनुच्छेद 370 हटाकर उनके सपने को साकार किया। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार डॉ. मुखर्जी की 125वीं जयंती पूरे देश में व्यापक स्तर पर मनाएगी।

कार्यक्रम में कई गणमान्य रहे मौजूद

समारोह में केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर, मुरलीधर मोहोल, सहकारिता मंत्रालय के सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी सहित विभिन्न मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी और सहकारिता क्षेत्र के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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