कोलकाता: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार पर भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी और घुसपैठ को बढ़वा देने तथा तुष्टिकरण एवं भय की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए शनिवार को कहा कि राज्य विधानसभा का चुनाव न केवल इस प्रदेश में विकास और सुरक्षा बल्कि देश की सुरक्षा का सवाल बन गया है।
श्री शाह ने आज यहां संवाददाता सम्मेलन में ऐसे तमाम आरोपों के साथ तृणमूल सरकार के विरुद्ध एक ‘आरोप-पत्र’ जारी किया और इसे ममता सरकार के खिलाफ जनता का आरोप पत्र बताया। उन्होंने राज्य में लगातार पिछले कुछ चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बढ़ते जन समर्थन के आंकड़े प्रस्तुत करते हुए प्रदेश के मतदाताओं से ‘भय छोड़ कर, भरोसे (भाजपा) को चुनने का आह्वान किया।
उन्होंने ममता सरकार पर अन्य पिछड़ा वर्ग केे लोगों का हक मारने तथा महिलाओं के विरुद्ध जघन्य अपराधों को रोकने में विफल रहने का अरोप लगाते हुए कहा कि इस सरकार ने सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जमीन नहीं दी है। उन्होंने कहा कि ममता सरकर ने 77 समुदाय को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की सूची में जोड़ा, उसमें 75 मुस्लिम समुदाय हैं और इस तरह इस राज्य में धर्म देख कर ओबीसी का दर्जा दिया गया है।
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा ने 10 वर्षों में वोट में 10 प्रतिशत से 38 प्रतिशत और विधान सभा में 3 से 77 सीट की यात्रा तय की है और इस बार भारी जन समर्थन से यहां भाजपा सरकार बनेगी। उन्होंंने मतदता सूची के शुद्धिकरण को लेकर पश्चिम बंगाल में तनाव के मुद्दे पर कहा कि केवल इसी राज्य में न्यायिक अधिकारी लगाने की नौबत आयी है। उन्होंने कहा, ‘ बंगाल से कई उद्योग पलायन कर गए, लेकिन ममता बनर्जी को केवल घुसपैठियों के वोटर लिस्ट से नाम काटे जाने की चिंता है। ममता दीदी को जो भी आरोप लगाना है, लगा लें, हम एक एक घुसपैठिये को चुन-चुनकर बाहर करेंगे।”
