इस्लामाबाद। पाकिस्तान की राजनीति में एक बार फिर बड़े बदलाव की चर्चा तेज हो गई है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को पद से हटाए जाने की अटकलों के बीच संविधान में 28वें और 29वें संशोधन की तैयारी की खबर सामने आई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इन संशोधनों को लेकर देश के सत्ता और सैन्य प्रतिष्ठान में हलचल बढ़ गई है।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि फील्ड मार्शल असीम मुनीर के निर्देश पर संवैधानिक संशोधनों की प्रक्रिया पर काम चल रहा है। हालांकि शहबाज शरीफ को हटाने की योजना पर पहले से चर्चा होने की बात कही जा रही थी, लेकिन इसे उस समय नया बल मिला जब 30 जुलाई को पाकिस्तान के गृहमंत्री मोहसिन नकवी ने सार्वजनिक कार्यक्रम में कहा कि “शासन-व्यवस्था चरमरा गई है।”
सेना और सरकार के बयानों से बढ़ी अटकलें
गृहमंत्री के बयान के एक दिन बाद 31 जुलाई को पाकिस्तान सेना के मीडिया विंग डीजीआईएसपीआर के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि “पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा और स्थिरता के लिए अच्छा शासन जरूरी है।” इन बयानों के बाद देश की राजनीतिक हलचल और तेज हो गई है।
पाकिस्तानी पत्रकारों और राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि मौजूदा सरकार पर दबाव लगातार बढ़ रहा है और सत्ता परिवर्तन की संभावना को लेकर चर्चाएं तेज हो चुकी हैं।
बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा और कब्जे वाले कश्मीर का भी जिक्र
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में सुरक्षा चुनौतियों और अशांति की घटनाओं ने राजनीतिक संकट को और गहरा कर दिया है। इन परिस्थितियों के बीच संवैधानिक संशोधनों की तैयारी को पाकिस्तान की सत्ता संरचना में संभावित बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
हालांकि पाकिस्तान सरकार या सेना की ओर से शहबाज शरीफ को हटाने या संविधान संशोधन के प्रस्तावित प्रावधानों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।


