गुवाहाटी। असम में बाढ़ की स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होने लगी है, लेकिन सात जिलों में अब भी 3,32,639 लोग प्रभावित हैं। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के अनुसार, शिवसागर जिले में सात और शव मिलने के बाद राज्य में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 75 हो गई है। ऊपरी असम के चार जिले सबसे अधिक प्रभावित हैं और इन्हीं क्षेत्रों में सबसे ज्यादा जनहानि हुई है।
मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता और मृतकों के परिजनों को नौ लाख रुपये देने की घोषणा की है। शिवसागर जिले के नाजिरा क्षेत्र में अभी भी सात लोग लापता हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि उनका पता नहीं चलता है तो सरकार उन्हें मृत मानकर उनके परिवारों को सहायता राशि उपलब्ध कराएगी।
622 गांव और 45 हजार हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि प्रभावित
वर्तमान में शिवसागर, गोलाघाट, चराईदेव, जोरहाट, नगांव, शोणितपुर और कामरूप (मेट्रो) जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। इन जिलों के 21 राजस्व मंडलों के कुल 622 गांव प्रभावित हुए हैं। लगभग 45,341.98 हेक्टेयर कृषि भूमि अब भी पानी में डूबी हुई है।
बाढ़ का पानी घटने के बाद घरों और विद्यालयों में घुटनों तक गाद जमा हो गई है, जिससे लोगों को घर लौटने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई परिवार अब भी सुरक्षित स्थानों पर रह रहे हैं।
115 राहत शिविरों में हजारों लोग आश्रय लिए हुए
प्रभावित लोगों के लिए 81 राहत शिविर और 34 राहत वितरण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। राहत शिविरों में 32,477 लोग रह रहे हैं, जबकि 16,314 लोग राहत वितरण केंद्रों से सहायता प्राप्त कर रहे हैं।
राहत और बचाव अभियान जारी
राज्य में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, सेना, वायुसेना, पुलिस, अग्निशमन विभाग और स्थानीय प्रशासन संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान चला रहे हैं। प्रभावित क्षेत्रों में 125 चिकित्सा दल तैनात किए गए हैं और 21 नावों के माध्यम से राहत कार्य जारी है। अधिकारियों के अनुसार, धनसिरी (नुमालीगढ़) नदी अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।


