आर्मी चीफ जनरल धीरज सेठ का बड़ा बयान: ‘स्वदेशी तरीकों से युद्ध जीतना होगा हमारा सबसे बड़ा मकसद’

नई दिल्ली। देश के नए सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ को कार्यभार संभालने के बाद बुधवार को साउथ ब्लॉक लॉन्स में पहला ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया। पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने एक भावुक पल में अपने पिता लेफ्टिनेंट जनरल केएम सेठ (सेवानिवृत्त) और छोटे भाई रियर एडमिरल रविनीश सेठ को सैल्यूट किया। अपने पहले संबोधन में आर्मी चीफ ने देश की सुरक्षा प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए कहा कि हमारा सबसे बड़ा मकसद पूरी तरह स्वदेशी तौर-तरीकों और तकनीकों का इस्तेमाल करके युद्ध जीतना होगा।

एक ही कोर को कमांड करने वाले पिता-पुत्र, अनूठा सैन्य परिवार

जनरल धीरज सेठ भारतीय सेना के 31वें चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ बने हैं। वह नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) के छात्र रहे हैं और आर्म्ड कोर के ऐसे पहले अधिकारी हैं, जो 1997 में जनरल शंकर रॉय चौधरी के रिटायरमेंट के बाद सेना प्रमुख के पद तक पहुंचे हैं। जनरल सेठ एक प्रतिष्ठित सैन्य परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता लेफ्टिनेंट जनरल केएम सेठ 1997 में सेना के एडजुटेंट जनरल के पद से सेवानिवृत्त हुए थे, जबकि उनके छोटे भाई रियर एडमिरल रविनीश सेठ भारतीय नौसेना में फ्लैग ऑफिसर हैं। दिलचस्प बात यह है कि जनरल धीरज सेठ ने भोपाल स्थित जिस 21 स्ट्राइक कोर की कमान संभाली थी, कभी उनके पिता भी उसी कोर का नेतृत्व कर चुके थे।

भविष्य की चुनौतियों के लिए सेना का होगा आधुनिकीकरण

कार्यभार संभालने के बाद जनरल धीरज सेठ ने ‘ड्यूटी, ऑनर और नेशन फर्स्ट’ (कर्तव्य, सम्मान और राष्ट्र प्रथम) के आदर्शों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक सुरक्षा माहौल को देखते हुए भारतीय सेना को तकनीक से संचालित और भविष्य के लिए तैयार फोर्स (फ्यूचर रेडी फोर्स) बनाना उनकी मुख्य प्राथमिकता होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश की सीमाओं पर उभरते खतरों से निपटने के लिए ऑपरेशनल रेडीनेस (युद्ध तैयारी) का उच्च स्तर बनाए रखा जाएगा। सेना की क्षमता बढ़ाने के लिए इनोवेशन (नवाचार) को रणनीतिक तरीकों का हिस्सा बनाया जाएगा।

तीनों सेनाओं में तालमेल और आत्मनिर्भरता पर जोर

नए आर्मी चीफ ने पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी सहित अपने पूर्ववर्तियों के विजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना की मारक क्षमता और ऑपरेशनल प्रभावशीलता को और बढ़ाने के लिए भारतीय वायु सेना और नौसेना के साथ पूर्ण कूटनीतिक तालमेल (जॉइंटनेस) बनाए रखा जाएगा। आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि देश में विकसित स्वदेशी क्षमताओं और टेक्नोलॉजी के बल पर ही ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को प्राप्त किया जाएगा। उन्होंने अग्निवीर से लेकर वरिष्ठ वयोवृद्ध सैनिकों तक, हर किसी को देश का असली योद्धा और सेना की सबसे बड़ी ताकत बताया।

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