भुवनेश्वर: बीजू जनता दल ने हाल ही में राज्यसभा चुनावों में पार्टी के खिलाफ क्रॉस-वोटिंग करने वाले 6 विधायकों को पार्टी से निलंबित कर दिया है। यह फैसला बीजद की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता पार्टी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने की। इन विधायकों पर एंटी-पार्टी एक्टिविटीज का आरोप लगा है, क्योंकि उन्होंने पार्टी के सामूहिक फैसले का उल्लंघन करते हुए विपक्षी उम्मीदवार के पक्ष में वोट दिया। बीजद के अनुशासन समिति ने शो-कॉज नोटिस के जवाबों की जांच के बाद यह कार्रवाई की। पार्टी के संविधान के अनुसार, सदस्यों से पार्टी के फैसलों के प्रति पूरी निष्ठा की अपेक्षा की जाती है, जिसका इन विधायकों ने उल्लंघन किया।निलंबित विधायकों में बालिगुडा से चक्रपाणि कन्हार, जयदेव से नब किशोर मलिक, चौदवार-कटक से सौविक बिस्वाल, बस्ता से सुबासिनी जेना, तिर्तोल से रामकांत भोई और बैनक से देवी रंजन त्रिपाठी शामिल हैं। ये सभी ओडिशा विधानसभा के बीजद विधायक हैं। पार्टी ने इन पर क्रॉस-वोटिंग के जरिए राज्यसभा चुनाव में पार्टी उम्मीदवार के खिलाफ जाने का आरोप लगाया है। बीजद ने इन विधायकों को तत्काल प्रभाव से पार्टी सदस्यता से निलंबित कर दिया है और आगे की कार्रवाई की संभावना भी जताई है।राज्यसभा चुनाव में ओडिशा से 4 सीटों के लिए मतदान हुआ था, जिसमें बीजेपी ने 2 सीटें आसानी से जीतीं। बीजेपी समर्थित स्वतंत्र उम्मीदवार दिलीप रे भी चुने गए, जबकि बीजद उम्मीदवार संत्रुप्त मिश्रा एक सीट जीतने में सफल रहे। हालांकि, बीजद, कांग्रेस और वाम दलों के समर्थित उम्मीदवार दत्तेश्वर होता को हार का सामना करना पड़ा। बीजद नेताओं ने बीजेपी पर हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप लगाया था, क्योंकि कुछ विधायकों ने पार्टी व्हिप के खिलाफ वोट देकर विपक्षी उम्मीदवार की हार सुनिश्चित की। इस क्रॉस-वोटिंग ने चुनाव नतीजों को प्रभावित किया और विपक्ष को केवल एक सीट तक सीमित कर दिया।बीजद की यह कार्रवाई पार्टी अनुशासन बनाए रखने और भविष्य में ऐसे उल्लंघनों को रोकने के लिए की गई है। नवीन पटनायक के नेतृत्व में पार्टी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि पार्टी लाइन से भटकने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह घटना ओडिशा की राजनीति में बीजद के आंतरिक संघर्ष को भी उजागर करती है, खासकर जब पार्टी विपक्ष में है और बीजेपी के बढ़ते प्रभाव का सामना कर रही है।
