पूर्वी सिंहभूम। पूर्वी सिंहभूम जिले के डिमना स्थित कोल्हान के सबसे बड़े एमजीएम अस्पताल में तैनात होमगार्ड जवानों पर मरीज के परिजनों और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यकर्ताओं के साथ कथित तौर पर लाठी-डंडों से मारपीट करने का आरोप लगा है। घटना के बाद अस्पताल परिसर में तनाव का माहौल बन गया। विरोध में भाजपा जमशेदपुर महानगर के पूर्व जिलाध्यक्ष गुंजन यादव अपने समर्थकों के साथ अस्पताल पहुंचे और धरना देते हुए दोषी जवानों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की।
आरोप के अनुसार, भुइयांडीह लकड़ीटाल निवासी भाजपा कार्यकर्ता मनीष शर्मा अपनी गर्भवती भांजी के इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल पहुंचे थे। इलाज में कथित लापरवाही की शिकायत को लेकर होमगार्ड जवानों से उनकी कहासुनी हो गई। आरोप है कि इसके बाद जवानों ने मनीष शर्मा, उनके जीजा तथा उनकी भांजी के पति के साथ धक्का-मुक्की की और लाठी-डंडों से मारपीट की।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने अस्पताल परिसर में दिया धरना
घटना की सूचना मिलने पर पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष गुंजन यादव अपने समर्थकों के साथ अस्पताल पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां मौजूद होमगार्ड जवानों ने उनके साथ भी अभद्र व्यवहार किया और मारपीट की। उनका दावा है कि जान बचाने के लिए उन्हें इधर-उधर भागना पड़ा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ड्यूटी पर तैनात कई जवानों ने नेम प्लेट नहीं पहन रखी थी और घटना का वीडियो बनाने का प्रयास भी रोका गया।
घटना के विरोध में भाजपा कार्यकर्ताओं ने अस्पताल परिसर में धरना दिया और दोषी जवानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही।
पुलिस ने शुरू की जांच
सूचना मिलते ही ग्रामीण पुलिस अधीक्षक शुभम खंडेलवाल, पुलिस उपाधीक्षक दयानंद कुमार तथा एमजीएम थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल से टूटी हुई लाठी जब्त कर ली है। घायलों का चिकित्सीय परीक्षण कराया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज की जांच की जाएगी। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मनीष शर्मा ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का भी आरोप लगाया। उनका कहना है कि उनकी गर्भवती भांजी का समुचित उपचार नहीं किया गया। उन्होंने दावा किया कि सामान्य प्रसव की संभावना होने के बावजूद ऑपरेशन किया गया और बाद में संक्रमण होने पर उसे दोबारा भर्ती करना पड़ा। उनके अनुसार, इलाज में कथित लापरवाही की शिकायत करने के बाद ही विवाद हुआ, जो मारपीट की घटना में बदल गया।
समाचार लिखे जाने तक एमजीएम अस्पताल प्रबंधन और होमगार्ड विभाग की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।


