मगही और भोजपुरी की उपेक्षा पर भाजयुमो ने आदेश की कॉपी जलाकर किया विरोध

पलामू। झारखंड की प्रतियोगिता परीक्षाओं में मगही और भोजपुरी भाषा को शामिल नहीं किए जाने के विरोध में सोमवार को भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने समाहरणालय के मुख्य गेट पर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने सरकार के आदेश की प्रतियां जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया।

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने पलामू प्रमंडल के छात्रों के लिए मगही और भोजपुरी को क्षेत्रीय भाषा के रूप में शामिल करने की मांग उठाई। साथ ही चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया, तो चरणबद्ध आंदोलन चलाया जाएगा।

वक्ताओं ने आरोप लगाया कि झारखंड सरकार ने पलामू प्रमंडल में व्यापक रूप से बोली जाने वाली मगही और भोजपुरी भाषाओं को प्रतियोगिता परीक्षाओं से बाहर रखकर छात्रों और युवाओं के साथ अन्याय किया है। उनका कहना था कि जिन भाषाओं को क्षेत्रीय भाषा के रूप में शामिल किया गया है, वे न तो स्थानीय स्तर पर प्रचलित हैं और न ही आम लोगों द्वारा समझी जाती हैं।

उन्होंने हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह निर्णय पलामू क्षेत्र के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है, जिससे छात्र-युवा वर्ग में भारी आक्रोश है और लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।

इस विरोध प्रदर्शन में भाजपा जिला अध्यक्ष अमित तिवारी, युवा मोर्चा अध्यक्ष विपुल गुप्ता, प्रदेश मंत्री विश्वजीत पाठक, ज्योति पांडे, विनीत पांडे, श्वेतांग गर्ग, प्रेमजीत कुमार सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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