नागपुर जिले के कलमेश्वर तालुका के राउलगांव में एसबीएल एनर्जी लिमिटेड कंपनी में भीषण धमाका हुआ है। इसमें कम से कम 16 मजदूर मारे गए हैं और 18 अन्य घायल हो गए हैं। नागपुर ग्रामीण के एसपी हर्ष पोद्दार ने हताहतों की पुष्टि की और कहा कि घायलों को पास के अस्पतालों में ले जाया जा रहा है। विस्फोट के सटीक कारण का अभी पता नहीं चल पाया है। बचाव अभियान जारी है और जांच शुरू कर दी गई है।
शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह हादसा सुबह करीब 6 से 7 बजे के बीच हुआ। राउलगांव स्थित एसबीएल एनर्जी कंपनी में खनन में इस्तेमाल होने वाले डेटोनेटर और अन्य विस्फोटक पदार्थों का निर्माण होता है। मजदूर जब हमेशा की तरह काम पर लौट रहे थे, तभी डेटोनेटर निर्माण प्रक्रिया के दौरान अचानक एक जोरदार धमाका हुआ। धमाके की आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी, जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई। धमाका इतना जोरदार था कि यूनिट का कुछ हिस्सा ढह गया और आसमान में धुएं का एक विशाल गुबार उठता हुआ नजर आया।
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, विस्फोट के समय प्रभावित क्षेत्र में 25 से 30 मजदूर मौजूद थे। आग और मलबे के कारण आशंका बनी हुई है कि कुछ मजदूर अभी भी अंदर फंसे हो सकते हैं। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस, दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे। आग पर काबू पाने और फंसे हुए मजदूरों की तलाश के लिए युद्धस्तर पर प्रयास जारी हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को गहरा शोक व्यक्त किया और मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।
श्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी संदेश में कहा कि नागपुर में फैक्ट्री विस्फोट की घटना अत्यंत दुखद है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की
