रांची। इस वर्ष छठ पर्व पर विशेष शुभ योग का संयोग बन रहा है। नहाय-खाय के दिन मां कूष्मांडा की पूजा की जाती है, जबकि खरना के दिन देवी स्कंद माता की आराधना होती है। संध्या अर्घ्य के दिन माता कात्यायनी और प्रातः अर्घ्य के समय माता कालरात्रि की पूजा का विशेष महत्व है। चैत्र नवरात्र के साथ पड़ने के कारण व्रत करने वाले श्रद्धालुओं को छठी मैया के साथ इन देवियों का भी विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है। छठ महापर्व का कार्यक्रम 23 मार्च: खरना (रात 8:42 बजे तक)24 मार्च: संध्या अर्घ्य (सूर्यास्त लगभग 6:00 बजे)25 मार्च: प्रातः अर्घ्य (सूर्योदय सुबह 5:49 बजे) धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत को करने से बल, आरोग्य, समृद्धि और संतान सुख की प्राप्ति होती है। विशेष रूप से संतान की कामना करने वाली महिलाओं के लिए यह व्रत अत्यंत फलदायी माना गया है।राजधानी रांची समेत पूरे राज्य में इस पर्व को लेकर भक्तों में उत्साह देखा जा रहा है। घाटों की सफाई, पूजन सामग्री की खरीदारी और तैयारियों का दौर जारी है, जिससे माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया है।
