रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से मंगलवार को रांची के कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय के 17 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल से बात करते हुए कहा कि झारखंड प्राकृतिक एवं खनिज संपदाओं का धनी राज्य है। झारखंड की समृद्ध संस्कृति और परंपरा इस राज्य को अलग और अनोखी पहचान देता है। यहां की जनजातीय संस्कृति और परंपराएं इस राज्य की धरोहर हैं। हमारा राज्य विश्व प्रसिद्ध परंपराओं को लेकर जाना जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड के खिलाड़ियों ने पूरे विश्व में अपने प्रतिभाओं का लोहा मनवाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने राज्य में बेहतर खेल नीति बनाई है जिसके तहत खेल एवं खिलाड़ियों को बेहतर प्लेटफार्म दिया जा रहा है। झारखंड के खिलाड़ियों ने क्रिकेट, हॉकी, आर्चरी सहित कई विभिन्न खेलों में एक अमिट पहचान बनाई है। भारतीय महिला हॉकी टीम में कप्तान सहित झारखंड की 50 प्रतिशत खिलाड़ी ने अपनी जगह बना रखी है। क्रिकेट जगत के प्रसिद्ध खिलाड़ी महेंद्र सिंह धोनी, आर्चरी की प्रसिद्ध खिलाड़ी दीपिका कुमारी भी इसी राज्य से हैं। खेल के क्षेत्र में झारखंड मजबूत प्रदेश है। जनजातीय समुदाय के कई युवा महिला एवं पुरुष खिलाड़ियों ने सीमित संसाधन के बावजूद बेहतर कर दिखाया है जो इस राज्य के लिए गर्व का विषय है।
शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर करने का हो रहा प्रयास
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि हमारी सरकार राज्य में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। राज्य में सरकारी विद्यालयों को सीएम स्कूल ऑफ़ एक्सीलेंस के रूप में अपग्रेड करने का कार्य किया गया है। इन विद्यालयों में प्राइवेट स्कूलों के तर्ज पर विद्यार्थियों को शिक्षा दी जा रही है। राज्य सरकार कई निजी शिक्षण संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर यहां के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करा रही है। हमारी सरकार ने यूनिवर्सिटी बिल भी कैबिनेट से पास कराया है।
राज्य में उद्योग की असीम संभावनाएं
मुख्यमंत्री ने उद्योग सेक्टर की चर्चा करते हुए कहा कि झारखंड में उद्योग का एक बेहतर इतिहास रहा है। टाटा, एचईसी के साथ-साथ स्टील एवं फर्टिलाइजर इंडस्ट्री जैसी बड़ी-बड़ी कंपनियां हमारे राज्य में स्थापित हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर यह राज्य उद्योग के क्षेत्र में काफी बेहतर है। राज्य सरकार उद्योग को बढ़ावा देने के लिए एक बेहतर नीति भी बनाई है, जिसके तहत निवेशक झारखंड में निवेश करने हेतु इच्छुक भी हैं। झारखंड ने पहली बार विश्व आर्थिक मंच (वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम) के वार्षिक सम्मेलन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है।
देश की अर्थव्यवस्था में झारखंड का अहम योगदान
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था में झारखंड का अहम योगदान है। रेलवे सेक्टर में भी सबसे अधिक राजस्व झारखंड से मिलता है। खनिज संपदाओं की सबसे अधिक ट्रांसपोर्टिंग भी इसी राज्य से की जाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड देश में सबसे ज्यादा तसर, सिल्क, लाह प्रोड्यूस करने वाला राज्य है।
हर सेक्टर में हो रहे हैं सकारात्मक कार्य
देश में चाय उद्योग को संभाल रही जनजातीय समुदाय
मुख्यमंत्री ने टी इंडस्ट्रीज की चर्चा करते हुए कहा कि देश में चाय उद्योग की जिम्मेदारी ट्राइबल पोपुलेशन संभालता है। पिछले कई दशकों से चाय उद्योग में झारखंड, ओडिसा, बंगाल, बिहार के जनजातीय समुदायों को शिफ्ट किया गया है। जनजातीय समुदाय के लोग काफी सरल और आत्मसम्मानी होते हैं। हमारी सरकार इन समुदायों को उनका हक अधिकार देने का कार्य कर रही है।
इस अवसर पर राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय के सदस्यों मुख्यमंत्री से राज्य सरकार की ओर से संचालित मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना की सराहना की। मुख्यमंत्री ने सदस्यों से कहा कि देश में झारखंड पहले ऐसा राज्य है जहां लगभग 53 लाख महिलाओं को मंईयां सम्मान योजना का लाभ दिया जा रहा है। प्रत्येक माह 2500 की राशि लाभार्थी महिलाओं के बैंक अकाउंट में डीबीटी के माध्यम से भेजे जा रहे हैं। इस योजना के सफल संचालन से यहां की महिलाएं आत्मनिर्भर और सशक्त बनी हैं।
सर्वजन पेंशन योजना लागू करने वाला झारखंड पहला राज्य
इस अवसर पर मुख्य सचिव अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव गृह विभाग वंदना दादेल, सचिव ग्रामीण विकास विभाग के श्रीनिवासन, सचिव महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग मनोज कुमार, सचिव उद्योग विभाग अरवा राजकमल, सचिव पर्यटन, कला संस्कृति एवं खेल विभाग मनोज कुमार, राष्ट्रीय रक्षा महाविद्ययालय (एनडीसी) के मेजर जेनरल हरतेज सिंह बजाज, ब्रिगेडियर एनडीसी सुरवीर सिंह सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
