रांची। हटिया मजदूर यूनियन (सीटू) ने एचईसी प्रबंधन के खिलाफ मजदूरों की लंबित विभिन्न मांगों को लेकर आगामी 11 फरवरी को एचईसी के समक्ष सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। साथ ही नए श्रम कानून को मजदूर विरोधी बताते हुए 12 फरवरी की देशव्यापी हड़ताल के समर्थन में रणनीति तय होगा। यह जानकारी सीटू के अध्यक्ष भवन सिंह ने गुरूवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
उन्होंने बताया कि मजदूरों की समस्याओं को लेकर एफएफपी शेड में बैठक की गई।
बैठक में यूनियन के नेता भवन सिंह ने कहा कि मजदूरों के प्रमोशन, ग्रेडेशन और पूर्व में मिली सुविधाओं में की गई कटौती को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। 2018 बैच के लंबित प्रमोशन, सप्लाई ठेका मजदूरों के स्थायीकरण, बकाया बोनस भुगतान और पूर्व में मिले अधिकारों की बहाली के लिए कानूनी और संवैधानिक संघर्ष का रास्ता अपनाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि 9 फरवरी को धनबाद स्थित केंद्रीय उप श्रमायुक्त के समक्ष वार्ता होगी। उन्होंने कहा कि 2010 में यूनियन की ओर से किया गया समझौता, जिसे हाल में काटा गया है, उसे पुनः लागू कराया जाएगा।
भवन सिंह ने कहा कि मजदूरों को दिया गया अधिकार छीना नहीं जा सकता है।
उन्होंने पूर्व में आंदोलन से जुड़े नेताओं से अपील किया कि वे मजदूर हित में यूनियन के साथ लौटें और मांगों के प्रति वफादार रहें।
भवन सिंह ने कहा कि एचईसी को बचाने का संघर्ष दरअसल मजदूरों की रोजी-रोटी बचाने का संघर्ष है और सीटू इसे पूरी मजबूती से लड़ेगी।
