डीएम के औचक निरीक्षण से प्रखंड कार्यालय में हड़कंप, 14 कर्मचारी अनुपस्थित

सुपौल। जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी सावन कुमार एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। इसी कड़ी में गुरुवार को उन्होंने छातापुर प्रखंड मुख्यालय स्थित प्रखंड सह अंचल कार्यालय तथा मनरेगा कार्यालय का औचक निरीक्षण किया।

डीएम के अचानक कार्यालय पहुंचते ही वहां मौजूद पदाधिकारियों और कर्मचारियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई कर्मचारी जल्दबाजी में कार्यालय पहुंचने की कोशिश करते दिखे, जबकि कई पहले से ही अनुपस्थित पाए गए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कार्यालयों की उपस्थिति पंजी, विभिन्न योजनाओं से संबंधित अभिलेख, फाइलों की स्थिति और कार्यप्रणाली की बारीकी से जांच की। जांच के क्रम में बीडीओ और एमओ सहित कुल 14 पदाधिकारी एवं कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए।

इस पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकारी कार्यों में लापरवाही किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी कर्मचारी समय पर कार्यालय पहुंचें और आम लोगों से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करें, ताकि जनता को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

डीएम सावन कुमार ने मौके पर ही अनुपस्थित कर्मचारियों के बारे में जानकारी ली और बिना पूर्व अनुमति अनुपस्थित रहने वाले सभी कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

उन्होंने बताया कि मनरेगा कार्यक्रम पदाधिकारी ने 6 और 7 मार्च को अवकाश के लिए आवेदन दिया था, लेकिन वे 5 मार्च से ही कार्यालय से गायब हैं, जो कर्तव्य के प्रति गंभीर लापरवाही है। उनके वेतन में कम से कम 70 प्रतिशत की कटौती करते हुए विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

वहीं मनरेगा कार्यालय से बिना सूचना अनुपस्थित कार्यपालक सहायक को बर्खास्त करने की बात कही गई है। साथ ही बिना सूचना अनुपस्थित रहने वाले बीडीओ और एमओ के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई के लिए प्रतिवेदन तैयार किया जा रहा है।

निरीक्षण के बाद डीएम ने कहा कि सरकारी कार्यालयों में कई तरह की विसंगतियां पाई गई हैं, जिन्हें जल्द सुधारने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकारी कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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