अररिया । आचार संहिता मामले में पांच बार के सांसद रहे सुकदेव पासवान को न्यायालय ने आरोपों से दोष मुक्त करते हुए बाइज्जत बरी कर दिया । पूर्व सांसद सुकदेव पासवान को अपर मुख्य न्यायायिक दंडाधिकारी प्रथम-सह-एमपी एमएलए कोर्ट ने सीजीआर 681/ 2009 में दोषमुक्त करार दिया।पूर्व सांसद के विरुद्ध आर्दश आचार संहिता उल्लंघन का मामला लंबित था, जो वर्ष 2009 में अररिया थाना कांड संख्या 159/2009 में तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी संजय कुमार के द्वारा दर्ज कराई गई थी।
19 अप्रैल 2009 की रात्रि आठ बजे जिला पदाधिकारी अररिया एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी द्वारा नगर भ्रमण के दौरान वाहन संख्या बीआरसी 2621 पर चार झंडा लगा हुआ पाया गया था,जिस पर सांसद का चुनाव चिन्ह अंकित था।मामले में आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन के रूप में कांड 171 (एफ) भादवि के अंतर्गत दर्ज किया गया था।
मामले में पुलिस ने 31 मई 2009 को सांसद के विरुद्ध आरोप पत्र समर्पित किया था, जिसके आधार पर मुख्य न्यायायिक दंडाधिकारी ने संज्ञान लेते हुए अभियुक्त सुकदेव पासवान के विरुद्ध समन जारी किया।मामले में पूर्व सांसद 6 जनवरी 2011 को न्यायालय के समक्ष उपस्थित होकर अपना जमानत याचिका दायर की थी, जिसे न्यायालय ने स्वीकृति दिया और उनके विरुद्ध आरोप भी सुनाया।कोर्ट के आरोपों से इंकार करते हुए पूर्व सांसद ने न्यायालय से विचारण की मांग किया।इसके बाद समस्त न्यायायिक प्रकिया पूर्ण होने के बाद न्यायालय ने अभियोजन पक्ष का साक्ष्य नहीं पेश होने की स्थिति में आरोपों से मुक्त कर बाइज्जत बरी कर दिया ।
