रांची: चारा घोटाला मामले में सजायाफ्ता बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को स्वास्थ्य लाभ के लिए सिंगापुर जाने की अनुमति मिल गई है। रांची की अदालत ने शुक्रवार को उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए उनका पारपत्र (पासपोर्ट) जारी करने का आदेश दे दिया। अदालत के इस निर्णय के बाद अब पूर्व मुख्यमंत्री आगामी जून के प्रथम सप्ताह में अपनी नियमित स्वास्थ्य जांच के लिए सिंगापुर रवाना हो सकेंगे।
दरअसल, किडनी प्रत्यारोपण (किडनी ट्रांसप्लांट) के सफल संचालन के बाद वहां के चिकित्सकों ने उन्हें नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के लिए बुलाया है। चिकित्सकों ने उन्हें एक जून के बाद जांच के लिए आने का परामर्श दिया था। इसी चिकित्सकीय आवश्यकता को आधार बनाते हुए उन्होंने अदालत में अपना पारपत्र जारी करने की गुहार लगाई थी, जिसे अदालत ने न्यायोचित मानते हुए अपनी स्वीकृति दे दी।
उल्लेखनीय है कि दिसंबर वर्ष 2022 में सिंगापुर के एक प्रसिद्ध चिकित्सालय में लालू प्रसाद यादव का किडनी प्रत्यारोपण किया गया था। इस बड़े ऑपरेशन के बाद से ही वे लगातार चिकित्सकों की देखरेख में हैं और समय-समय पर अपनी शारीरिक स्थिति के आकलन के लिए स्वास्थ्य परीक्षण कराते रहे हैं।
लालू प्रसाद यादव बहुचर्चित चारा घोटाला मामले में दोषी पाए गए हैं। डोरंडा, चाईबासा, देवघर और दुमका कोषागार से फर्जी दस्तावेजों के सहारे की गई अवैध निकासी से जुड़े मामलों में उन्हें सजा सुनाई जा चुकी है। चारा घोटाले का यह पूरा प्रकरण वर्ष 1990 से 1996 के मध्य का है, जिसमें सरकारी धन का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया गया था।
जांच एजेंसियों के प्रतिवेदनों के अनुसार, केवल डोरंडा कोषागार से ही लगभग एक सौ उनतालीस करोड़ रुपये की अवैध निकासी की बात सामने आई थी। इस पूरे प्रकरण में कई तत्कालीन प्रशासनिक अधिकारियों और राजनेताओं पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की गई थी। अब न्यायिक अनुमति मिलने के पश्चात पूर्व मुख्यमंत्री निर्धारित समय सीमा के भीतर सिंगापुर जाकर अपना स्वास्थ्य परीक्षण संपन्न करा सकेंगे।
