पटना: बिहार सरकार ने जीविका (बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति) के तहत कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों के मानदेय में बड़ी वृद्धि करने का निर्णय लिया है। ये नया वेतन ढांचा 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा। वेतन वृद्धि के साथ-साथ सभी कर्मियों को अब 5 लाख रुपये का मेडिक्लेम (स्वास्थ्य बीमा) कवरेज भी प्रदान किया जाएगा। वेतन वृद्धि को पदों के अनुसार अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है। निदेशक, एंटरप्राइज निदेशक, विशेष कार्यपालक अधिकारी, कार्यक्रम समन्वयक, मुख्य सूचना अधिकारी, राज्य परियोजना प्रबंधक और राज्य वित्त प्रबंधक के वेतन में 10 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। प्रोजेक्ट मैनेजर, प्रोक्योरमेंट ऑफिसर, प्रोग्रामर और एप डेवलपर 15 और ब्लॉक प्रोजेक्ट मैनेजर, थीमैटिक मैनेजर और आईटी एक्जीक्यूटिव की 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। इसी तरह से समन्वयक, सहायक और गोदाम कर्मियों के वेतन में सबसे अधिक 30 प्रतिशत इजाफा किया गया है। सभी श्रेणियों के यंग प्रोफेशनल्स के वेतन में 5,000 रुपये प्रतिमाह की निश्चित बढ़ोतरी की जाएगी।सरकार ने मानव संसाधन के बेहतर उपयोग के लिए कार्यप्रणाली में भी बदलाव किया है। अब एक सामुदायिक समन्वयक के जिम्मे ब्लॉक की 3 ग्राम पंचायतें होंगी। वहीं प्रत्येक ब्लॉक में दो क्षेत्र समन्वयकों की तैनाती की जाएगी। अतिरिक्त कर्मियों को शहरी क्षेत्रों में संस्थान निर्माण, वित्तीय समावेशन और आजीविका संवर्धन जैसे कार्यों में लगाया जाएगा। इनका वेतन शहरी योजनाओं के लिए स्वीकृत फंड से दिया जाएगा। राज्य परियोजना प्रबंधन इकाई स्तर पर आउटसोर्सिंग एजेंसी से आए कर्मियों के लिए मौजूदा नियम ही प्रभावी रहेंगे। जिला और ब्लॉक स्तर पर कार्यरत दैनिक वेतनभोगियों का मानदेय श्रम संसाधन विभाग की नई अधिसूचना के आधार पर तय होगा।
