नई दिल्ली। एचडीएफसी बैंक ने अपने शीर्ष अधिकारियों पर बड़ी कार्रवाई की है। बैंक ने प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) शशिधर जगदीशन, मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) श्रीनिवासन वैद्यनाथन और समूह प्रमुख (रिटेल एसेट्स) अरविंद वोहरा पर 1-1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही तीनों अधिकारियों को चेतावनी पत्र भी जारी किया गया है।
यह कार्रवाई महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (एमएसआरडीसी) से जमा राशि जुटाने से जुड़े एक मामले की आंतरिक समीक्षा के बाद की गई है।
बोर्ड की अनुशासन समिति की रिपोर्ट के आधार पर फैसला
एचडीएफसी बैंक ने शेयर बाजार को दी गई जानकारी में बताया कि 23 जुलाई 2026 को हुई निदेशक मंडल की बैठक में स्वतंत्र निदेशकों की विशेष अनुशासन समिति की रिपोर्ट और सिफारिशों पर चर्चा की गई।
बैंक ने कहा कि जांच में अधिकारियों का व्यवहार व्यावसायिक सीमा से आगे बढ़ने वाला पाया गया, लेकिन इसमें कोई गलत इरादा, निजी लाभ या अनुचित उद्देश्य नहीं मिला। हालांकि, भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों में संभावित अंतर को देखते हुए अधिकारियों पर जुर्माना लगाने और चेतावनी पत्र जारी करने का फैसला किया गया।
बैंक ने इस मामले की जानकारी आरबीआई को देने का भी निर्णय लिया है।
क्या है पूरा मामला
यह मामला वर्ष 2017 और 2021 में महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम से जमा राशि लेने के लिए किए गए समझौतों से जुड़ा है। आरोप था कि बैंक ने बड़ी जमा राशि हासिल करने के लिए सड़क विकास निगम को भुगतान किया था, जिसे विपणन खर्च के रूप में दर्ज किया गया।
रिपोर्ट के अनुसार, इस भुगतान को इस तरह दिखाया गया कि यह सामान्य प्रचार गतिविधियों पर खर्च हुआ है, जबकि इसका उद्देश्य जमा राशि बढ़ाना था। हालांकि, एचडीएफसी बैंक ने पहले इन आरोपों का खंडन किया था।
बैंक ने कहा था कि उसके पास मजबूत आंतरिक निगरानी, लेखा जांच और नियंत्रण व्यवस्था मौजूद है तथा सभी मामलों का निपटारा तय प्रक्रियाओं के अनुसार किया जाता है।


