रांची,। झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य में सरकारी स्तर पर धान खरीदी में हो रहे भ्रष्टाचार को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार पर हमला बोला है।
बाबूलाल मरांडी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश कार्यालय में मंगलवार को आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि हेमंत सरकार किसानों को लूट रही है। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री देश-विदेश के दौरे पर रहते हैं और कहते हैं कि उनकी सरकार गांव से चलती है। लेकिन हकीकत यह है कि गांव की रीढ़—किसान—आज परेशान, लाचार और विवश हैं।”
नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि विधानसभा चुनाव में हेमंत सरकार ने धान खरीद के लिए 3,200 रुपये प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का वादा किया था। लेकिन बाद में 2,400 रुपये की घोषणा की गई, जिसमें 2,300 रुपये केंद्र सरकार से और केवल 100 रुपये राज्य सरकार की भागीदारी है।
मरांडी ने आरोप लगाया कि सरकार ने इस वर्ष 60 लाख क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य तय किया, लेकिन दो महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद केवल 19,80,216 क्विंटल ही खरीदे गए। राज्य में 2,79,000 किसान पंजीकृत हैं, लेकिन मात्र 35,547 किसानों से ही धान खरीदी गई।
उन्होंने कहा कि सरकार और संबंधित पदाधिकारी बिचौलियों और दलालों के माध्यम से किसानों को मजबूर कर रहे हैं। किसान को 1,500 रुपये प्रति क्विंटल पर धान बेचने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जबकि लक्ष्य पूरा करने के लिए बिचौलियों से ही खरीद की जाती है। इसके कारण निर्धारित एमएसपी का लाभ सीधे बिचौलियों के खाते में जाएगा।
बाबूलाल ने यह भी कहा कि राज्य में इस प्रकार का बड़े पैमाने पर सिंडिकेट सक्रिय है, जो किसानों को लूटने का काम कर रहा है। गुमला जिले में इस संबंध में फर्जी किसानों को बनाए जाने की जानकारी उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर दी, लेकिन सरकार ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की।
