धनबाद में वायु प्रदूषण पर हाई कोर्ट सख्त, अवैध खनन पर डीएमओ से मांगा जवाब

रांची। झारखंड उच्च न्यायालय ने धनबाद में बढ़ते वायु प्रदूषण के मामले में सख्त रुख अपनाते हुए जिला खनन पदाधिकारी (डीएमओ) से अवैध खनन को लेकर जवाब तलब किया है।

मुख्य न्यायाधीश एम.एस. सोनक की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने बुधवार को जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान डीएमओ से पूछा कि धनबाद में अवैध खनन हो रहा है या नहीं। यदि हो रहा है तो उसे रोकने के लिए अब तक क्या ठोस कदम उठाए गए हैं। अदालत ने इन सभी बिंदुओं पर डीएमओ को शपथ पत्र के माध्यम से विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से दायर शपथ पत्र में कहा गया कि धनबाद में प्रदूषण नियंत्रण के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। इस पर प्रार्थी पक्ष ने आपत्ति जताते हुए कहा कि सरकार के शपथ पत्र में अवैध खनन के संबंध में कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है। राज्य सरकार की ओर से जवाब दिया गया कि धनबाद के उपायुक्त ने शपथ पत्र दाखिल किया है तथा अवैध खनन के मुद्दे पर डीएमओ अलग से शपथ पत्र प्रस्तुत करेंगे।

वहीं, बीसीसीएल की ओर से अदालत को बताया गया कि कोयले की ढुलाई ढककर की जा रही है, नियमित रूप से पानी का छिड़काव और साफ-सफाई की जा रही है तथा समय-समय पर इसकी मॉनिटरिंग भी की जाती है।

प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता सौमित्रों बोरई ने पैरवी की, जबकि राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता पीयूष चित्रेश ने पक्ष रखा। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 26 फरवरी को निर्धारित की है।

उल्लेखनीय है कि ग्रामीण एकता मंच ने धनबाद में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि शहर में वायु प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है और नगर निगम की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है

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