नयी दिल्ली: हिन्दू नववर्ष विक्रम संवत-2083 के साथ दैवीय आस्था एवं भक्तिपर्व नवरात्र की गुरुवार को देश भर में शुरूआत हो गयी और इसी के साथ ही गुड़ी पड़वा तथा उगादी का पर्व मनाया गया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु , उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों को हिन्दू नववर्ष तथा नवरात्र की शुभकामनाएं दी।
श्रीमती मुर्मु ने उत्तर प्रदेश के अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर जाकर राम लला के दर्शन किये। उन्होंने राम जन्मभूमि मंदिर के भीतर विभिन्न स्थानों पर दर्शन एवं आरती की और श्री राम यंत्र स्थापना तथा पूजा अर्चना की। इस अवसर पर उन्होंने कहा , “अयोध्या नगरी की पवित्र धूलि का स्पर्श करना ही उनका परम सौभाग्य है, यह वही पवित्र नगरी है जहां प्रभु श्री राम का जन्म हुआ था। चैत्र शुक्ल संवत्सर 2083 के प्रारंभ और नवरात्रि के पहले दिन यहां उपस्थित होना उनके लिए वास्तव में एक सौभाग्य है।”
श्री राधाकृष्णन ने देश के विभिन्न हिस्सों में मनाए जाने वाले पारंपरिक नव वर्ष उत्सव के अवसर पर सभी नागरिकों को शुभकामनाएं दी हैं।उन्होंने कहा , “भारत के विभिन्न क्षेत्रों में मनाए जाने वाले ये त्योहार पारंपरिक नव वर्ष की शुरुआत का प्रतीक हैं, वसंत ऋतु के आगमन की घोषणा हैं और देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विविधता में एकता की अटूट भावना को दर्शाते हैं।” उन्होंने उम्मीद जतायी कि ये शुभ अवसर सभी नागरिकों के बीच खुशी, समृद्धि और आशावाद की एक नयी भावना लेकर आएंगे।
श्री मोदी ने नव वर्ष के अवसर पर अपने संदेश में कहा, “नव वर्ष के अवसर पर सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। मेरी कामना है कि यह नया वर्ष आप सभी के जीवन में साहस, आत्मविश्वास और सेवा भावना को और मजबूत करे, और राष्ट्र निर्माण के प्रयासों को नई शक्ति प्रदान करे।” उन्होंने नवरात्र पर्व की शुभकामनाएं देते हुए देशवासियों को अपने परिवार के सदस्यों के रूप में संबोधित किया और कहा कि शक्ति की पूजा का यह पवित्र अवसर आप सभी के लिए सुख, सौभाग्य, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य लेकर आए।
उन्होंने कहा कि मां दुर्गा के आशीर्वाद से विकसित भारत के लिए हमारा संकल्प नई ऊर्जा प्राप्त करेगा। एक अलग संदेश में, उन्होंने मां दुर्गा के चरणों में आदरपूर्वक प्रणाम और श्रद्धा अर्पित की और प्रार्थना करते हुए कहा कि देवी सभी को प्रेम और करुणा का आशीर्वाद दें। उन्होंने पूरे देश में पारंपरिक नव वर्ष के अवसर पर मनाए जाने वाले विभिन्न क्षेत्रीय त्योहारों, जैसे गुड़ी पड़वा, उगादी, चेटी चंड, साजिबू चीराओबा और नवरेह, की भी शुभकामनाएं दीं
