हजारीबाग की खौफनाक वारदात: बीमार बेटे को ठीक करने के लिए कलयुगी मां ने दी बेटी की ‘नरबलि’, तांत्रिक समेत 3 अरेस्ट

हजारीबाग | झारखंड के हजारीबाग से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। विष्णुगढ़ के कुसुंभा गांव में 12 साल की मासूम बच्ची की हत्या का जो सच सामने आया है, उसने पुलिस के भी होश उड़ा दिए। जिस मां पर बेटी की हिफाजत की जिम्मेदारी थी, वही उसकी जान की दुश्मन बन गई। अंधविश्वास के जाल में फंसी मां ने अपने बीमार बेटे को ठीक करने के चक्कर में अपनी ही मासूम बेटी की बलि चढ़ा दी।

अष्टमी की रात: जब गांव उत्सव मना रहा था, घर में चल रहा था ‘खूनी खेल’

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी मां रेशमी देवी का बेटा शारीरिक और मानसिक रूप से बीमार रहता है। बेटे को ठीक करने की चाहत में वह शांति देवी नाम की एक तांत्रिक ‘भगतिन’ के संपर्क में आई। तांत्रिक ने उसे झांसा दिया कि यदि वह बेटी की बलि देगी, तो उसका बेटा पूरी तरह स्वस्थ हो जाएगा।

बीती अष्टमी की रात, जब पूरा गांव दुर्गा पूजा के जश्न में डूबा था, रेशमी देवी ने तांत्रिक और अपने सहयोगी भीम राम (उर्फ भोला राम) के साथ मिलकर घर के अंदर ही इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम दिया।

साजिश: शव को बगीचे में फेंका, पुलिस को गुमराह करने की कोशिश

वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने इसे ‘क्राइम थ्रिलर’ की तरह छिपाने की कोशिश की। बच्ची के शव को घर से दूर एक बगीचे में फेंक दिया गया ताकि पुलिस और गांव वालों को लगे कि यह किसी बाहरी अपराधी या दरिंदे का काम है। शुरुआत में दुष्कर्म की आशंका भी जताई गई थी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है। इससे यह साफ हो गया कि हत्या का एकमात्र मकसद ‘तंत्र-मंत्र’ और ‘नरबलि’ था।

क्रिमिनल बैकग्राउंड वाला निकला सहयोगी

पुलिस ने बताया कि इस कांड में शामिल भीम राम एक शातिर अपराधी है। उस पर पहले भी अपनी भाभी और एक अन्य व्यक्ति की हत्या का आरोप लग चुका है। वह रेशमी देवी का करीबी बताया जा रहा है और उसी ने हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने में मदद की थी।

DGP के एक्शन के बाद SIT ने 7 दिनों में सुलझाई गुत्थी

इस हाई-प्रोफाइल मामले की गंभीरता को देखते हुए झारखंड की DGP तादाशा मिश्रा खुद हजारीबाग पहुंची थीं। उनके निर्देश पर एसपी अंजनी अंजन ने 26 मार्च को एक SIT (विशेष जांच दल) का गठन किया। IPS नागरगोजे शुभम भाउसाहेब के नेतृत्व में टीम ने वैज्ञानिक साक्ष्यों को जोड़ा और कड़ाई से पूछताछ की, जिसके बाद मां ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

इनकी हुई गिरफ्तारी:

  1. रेशमी देवी (मृतका की मां)
  2. शांति देवी (तांत्रिक/भगतिन)
  3. भीम राम उर्फ भोला राम (सहयोगी)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *