पूर्वी चंपारण ; भगवान का मिलना कठिन नहीं है, आपका सरल होना कठिन है सबरी मां को भगवान क्यों मिले, क्योंकि उनके भाव सरल थे भगवान को पाना आसान है, अब आप सरल हो जाओं उक्त बातें श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ के तीसरे दिन देश के प्रसिद्ध कथावाचक सह गौरी गोपाल आश्रम के संस्थापक अनिरुद्धाचार्य जी महाराज ने बिहार के भारत-नेपाल स्थित शहर रक्सौल के हवाई अड्डा परिसर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिवस में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहीं।
भागवत कथा के दौरान उन्होंने कहा कि कलयुग का वास कहां होता है, जहां जुआ है, जहां शराब है वहां कलयुग का वास है। यदि आप इनके पास जाते है तो आपका सर्वनाश तय है। उन्होंने पंडाल में भक्तों से पूछा कि क्या बिहार में शराब बंद है तो श्रद्धालुओं ने एक स्वर में कहा कि हां बिहार में शराब बंद है। जिसपर कथावाचक अनिरूद्धाचार्य ने कहा कि शराब बंद है, इसलिए बिहार विकास कर रहा है।
उन्होंने कहा कि यदि आप जीवन में किसी दूसरे का सहारा बनते है तो भगवान आपका सहारा बनेगें।गृहस्थ का सदा धर्म रहा है कि दरवाजे पर आए अतिथि का स्वागत सम्मान करें।यदि आप मानवता की सेवा कर रहे है तो आपके ऊपर भगवान की कृपा जरूर होगी।भागवत कथा के दौरान कई प्रसंगों के माध्यम से गौरी गोपाल आश्रम के संस्थापक अनिरूद्धाचार्य महाराज ने अपने भजनों के माध्यम से भगतों को झुमाया और कई प्रसंगों का उदाहरण देते हुए भागवत के माध्यम से जीवन जीने का मूल मंत्र दिया।
इस दौरान हमें रख लेना सरकार अपनी दरबारी में जैसे भजनों के माध्यम से भक्तों को झुमाया। इस दौरान गौरी गोपाल आश्रम के माध्यम से की जाने वाली सेवा के बारें में भी बताया गया। भागवत कथा के दूसरे दिन पहले दिन की तुलना में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पंडाल में पहुंचे थे। चौथे दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। यहां बता दे कि रक्सौल में 5 फरवरी से लेकर 11 फरवरी तक श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन हुआ है।
भागवत कथा का श्रवण करने के लिए रक्सौल के साथ-साथ रामगढ़वा, आदापुर, छौड़ादानो, मोतिहारी, सुगौली के साथ-साथ नेपाल के अलग-अलग इलाके से बड़ी संख्या से श्रद्धालु रक्सौल पहुंच रहे है।पहले दिन भागवत कथा का श्रवण करने के लिए लगभग 30 हजार से अधिक लोग पहुंचे थे। अनुमंडल प्रशासन, नगर परिषद के द्वारा कथा स्थल पर व्यापक सुरक्षा का प्रबंध किया है। भागवत कथा के आयोजन में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए अनुमंडल पदाधिकारी मनीष कुमार व अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मनीष आनंद के द्वारा कथा स्थल से लेकर कथा स्थल तक पहुंचने वाले मार्ग में दंडाधिकारी के साथ-साथ पुलिस पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की गई है।
