रांची। आयकर विभाग की अनुसंधान शाखा की पांचवें दिन सोमवार को भी बाबा ग्रुप से जुड़े लोगों के ठिकानों पर छापेमारी जारी है। अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि आयकर विभाग की छापामारी के दौरान बाबा सहित आढ़तियों ( कमीशन एजेंट) के ठिकानों से 100 करोड़ रुपये की अघोषित संपत्ति मिली है। इसमें 50 करोड़ रुपये का अघोषित चावल का स्टॉक, 15 करोड़ के जेवरात, पांच करोड़ रुपये नकद, संपत्ति के मूल्य में 25 करोड़ रुपये का अंतर सहित अन्य चीजें शामिल हैं।
सूत्रों के अनुसार राइस किंग के नाम से चर्चित बाबा ग्रुप के ठिकानों पर 29 जनवरी को शुरु हुई छापामारी पांचवे दिन भी जारी है। आयकर विभाग ने बाबा एग्रो, बाबा फुड प्रोसेसिंग के अलावा बाबा ग्रुप से जुड़े चावल के 15 आढ़तियों ( कमीशन एजेंट) को छापामारी के दायरे में शमिल किया था। छापेमारी के दौरान चावल के स्टॉक की जांच के दौरान 50 करोड़ रुपये मूल्य का चावल बगैर किसी हिसाब किताब के पाया गया। चावल व्यापारियों के खाता बही में 50 करोड़ रुपये मूल्य के चावल को कोई ब्योरा दर्ज नहीं था।
छापेमारी के चौथे दिन आयकर विभाग ने 10 करोड़ रुपये का जेवर जब्त किया था। पांचवे दिन तक अन्य सभी ठिकानों से जांच पड़ताल के बाद जब्त किये गये जेवरात का कुल मूल्य 15 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। छापेमारी के दौरान अब तक कुल पांच करोड़ रुपये नकद जब्त किये गये हैं। बाबा की संपत्तियों के मूल्यांकन के दौरान 25 करोड़ रुपये का अंतर पाया गया है।
आयकर विभाग की ओर से छापेमारी के दौरान फोरेंसिंक ऑडिटिंग सहित अन्य वैज्ञानिक तकनीक का इस्तेमाल कर छिपा कर रखे गये व्यापारिक लेन देन से जुड़े दस्तावेज की जांच अभी जारी है। इसके साथ ही आढ़तियों ( कमीशन एजेंट) के मोबाईल से मिले हवाला कारोबारियों के ब्योरे की भी जांच जारी है।
उल्लेखनीय है कि आयकर विभाग की अनुसंधान शाखा ने गत 29 जनवरी को बाबा एग्रो, बाबा फुड प्रोसेसिंग के अलावा चावल के आढ़तिया (कमीशन एजेंट) के कुल 45 ठिकानों पर छापेमारी शुरू की थी। वर्ष 2026 में आयकर विभाग की और से की जाने वाली यह पहली छापेमारी है। यह कार्रवाई व्यापारियों की ओर से अपनी वास्तविक आमदनी छिपा कर टैक्स चोरी करने के मामले में की जा रही है।
