भारत का यूसीसी मॉडल दुनिया को देगा नई दिशा, डेमोग्राफी मिशन पर मोदी सरकार की बड़ी तैयारी: अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री बोले, डेमोग्राफिक बदलाव रोकने को जल्द शुरू होगा हाई पावर मिशन

हरिद्वार। भारत में यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) को लेकर उठाया गया कदम आने वाले समय में दुनिया के लिए भी एक मॉडल बन सकता है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यूसीसी केवल समान नागरिक अधिकारों की व्यवस्था ही नहीं है बल्कि यह डेमोग्राफिक बदलावों की रोकथाम में भी कारगर सिद्ध हो सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि मोदी सरकार द्वारा गठित हाई पावर डेमोग्राफी मिशन जल्द ही अपना काम शुरू करेगा।

उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में अमित शाह ने कहा कि जब किसी देश में सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून होता है तो इससे न्याय व्यवस्था मजबूत होती है और समाज में संतुलन कायम रहता है। उन्होंने कहा कि भारत जैसे विविधताओं से भरे देश में यूसीसी की पहल सामाजिक समरसता और समानता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

शाह ने कहा कि 21वीं सदी में तेजी से बदलती दुनिया के बीच भारत भी अपनी सामाजिक और कानूनी व्यवस्था को अधिक संतुलित और आधुनिक बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ने यूसीसी लागू कर पूरे देश के लिए एक नया मॉडल प्रस्तुत किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य इस व्यवस्था को लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। इसे भारत में समान नागरिक अधिकारों की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल के रूप में देखा जा रहा है।

अमित शाह ने कहा कि दुनिया के कई विकसित देशों में नागरिक कानून धर्म से अलग और समान रूप से लागू होते हैं। ऐसे में भारत में यूसीसी की पहल को भी आधुनिक लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुरूप माना जा रहा है।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने देश में जनसांख्यिकीय परिवर्तनों का गहराई से अध्ययन करने के लिए हाई पावर डेमोग्राफी मिशन बनाने का निर्णय लिया है। यह मिशन जल्द ही अपना काम शुरू करेगा और देश की जनसंख्या संरचना, सामाजिक संतुलन तथा उसके दीर्घकालिक प्रभावों का अध्ययन कर नीति निर्माण में मार्गदर्शन देगा।

गृह मंत्री ने कहा कि यूसीसी लागू होने से विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और पारिवारिक मामलों में एक समान व्यवस्था बनेगी, जिससे न्याय प्रणाली अधिक पारदर्शी और मजबूत होगी। साथ ही यह कदम भारत को अधिक संतुलित, संगठित और आधुनिक राष्ट्र बनाने में सहायक सिद्ध होगा।

दुनिया के लिए प्रेरणा और अध्ययन का विषय बन सकता है यूसीसी

अमित शाह ने कहा कि भारत की सभ्यता हमेशा से वसुधैव कुटुम्बकम की भावना पर आधारित रही है, जहां पूरी दुनिया को एक परिवार माना गया है। ऐसे में यूसीसी जैसी व्यवस्था केवल भारत को ही नहीं, बल्कि दुनिया को भी यह संदेश दे सकती है कि विविधताओं के बीच भी समानता और न्याय की व्यवस्था संभव है। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि भारत इस मॉडल को सफलतापूर्वक लागू करता है तो आने वाले समय में यह दुनिया के कई देशों के लिए प्रेरणा और अध्ययन का विषय बन सकता है। यूसीसी भारत को न केवल एक मजबूत और समरस समाज की दिशा में आगे ले जाएगा बल्कि वैश्विक स्तर पर भी एक नई मिसाल कायम कर सकता है।

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